महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 लोकसभा में ध्वनीमत से पारित कर दिया गया।
महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में पहुंचे।
केंद्रीय पोत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख एल मांडविया ने विधेयक के बारे में बताते हुए कहा कि यह बिल मुख्य रूप से में पोर्ट सेक्टर में बदलाव के लिए लाया गया है। समय के साथ बदलाव होना आवश्यक है। इस बिल के पास होने से पोर्ट का महत्व देश के विकास में बढ़ेगा। आज मेजर पोर्ट के साथ-साथ प्राइवेट पोर्ट भी आ गए हैं इससे कंपटीशन बढ़ गया है। इस बिल से पोर्ट को अपने फैसले खुद करने में सहयोग मिलेगा।
बीजेडी सांसद अनुभव मोहंती ने ओडिशा राज्य के जगतसिंहपुर में स्थित पारादीप बंदरगाह का नाम बीजू बाबू पोर्ट रखने की मांग की।
भावनगर से भाजपा सांसद भारतीबेन धीरूभाई शियाल ने लोकसभा में कहा कि गुजरात के भावनगर में दो हजार करोड़ रुपये की लागत से एक पोर्ट बनाया जा रहा है। इस पोर्ट के शुरू होने से कई लोगों को रोजगार मिलेगा।
केंद्रीय पोत परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मनसुख एल मांडविया ने लोकसभा में महापत्तन प्राधिकरण विधेयक, 2020 पेश किया। इस बिल पर चर्चा हो रही है।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सदन की व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि 'आप सभी को सांसदो को मौका देकर 'जीरो आवर का हीरो' बन गए हैं। पहले हमें लोक महत्व के मुद्दों को उठाने के लिए बड़ी मुश्किल से 'जीरो आवर' मिलता था।'
गौतमबुद्ध नगर से भाजपा सांसद महेश शर्मा ने नोएडा में केंद्रीय विश्वविद्यालय की संख्या बढ़ाने की मांग रखी।
अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने चौरसिया समाज के उत्थान के लिए पान के पत्तों की खेती को कृषि में शामिल करने की मांग की। फिलहाल पान के पत्तों की खेती बागवानी के अंदर आती है। सांसद ने कहा कि कृषि में शामिल होने से फसल बीमा का लाभ पान के पत्तों की खेती करने वाले किसानों को मिलेगा।
अलीगढ़ से भाजपा सांसद सतीश कुमार गौतम ने कहा कि जिस तरह बीएचयू में एससी-एसटी के छात्रों को आरक्षण मिलता है, उसी तरह एएमयू के छात्रों को भी आरक्षण दिया जाए।
लोकसभा में अभी 'शून्यकाल' चल रहा है। इस दौरान लोक महत्व के अविलंबनीय मुद्दों पर चर्चा हो रही है। कई सांसद अपने संसदीय क्षेत्र की समस्याओं को सदन के सामने रख रहे हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि 'न तो डिविजन ऑफ वोट हुआ न ध्वनिमत का सम्मान हुआ। लोकतंत्र के मंदिर में संविधान का अपमान किया गया। हमने राष्ट्रपति से कहा है कि कृषि विधेयकों को असंवैधानिक रूप से पारित किया गया है और उन्हें इन बिलों को वापस करना चाहिए।'
कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने आज शाम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया को बताया कि- राष्ट्रपति से इस कृषि बिल को वापस कर देने की मांग की है। गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष राज्यसभा में हंगामे के लिए जिम्मेदार नहीं है। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि कृषि विधेयक पर हस्ताक्षर न करें।
लोकसभा की बुधवार की कार्यवाही शुरू हो चुकी है।
कृषि विधेयक के खिलाफ विपक्षी सांसद, संसद भवन परिसर में प्रदर्शन कर रहे हैं।
राज्यसभा ने श्रम कानून में सुधारों से संबंधित तीन प्रमुख विधेयकों को पारित किया। राज्यसभा ने 'व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य की स्थिति कोड, 2020', 'औद्योगिक संबंध कोड 2020' और ' सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020' को पारित कर दिया है। लोकसभा ने कल इन विधेयकों को पारित कर दिया था।
विपक्षी दलों के सांसदों द्वारा संसद परिसर में संयुक्त रूप से कृषि विधेयकों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। सांसदों ने 'किसान बचाओ' और 'किसान बचाओ, मजदूर बचाओ, लोकतंत्र बचाओ' के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किए। कांग्रेस के सांसद गुलाम नबी आजाद, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और एनसीपी के प्रफुल्ल पटेल सहित अन्य सांसदों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।
सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करने वाले विपक्षी दलों के सांसद विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद के चैंबर में स्थित कार्यालय में बैठक कर रहे हैं। वे संसद में पारित कृषि विधेयकों पर अपनी आगे की रणनीति पर चर्चा करेंगे।
राज्यसभा ने 'अर्हित वित्तीय संविदा द्विपक्षीय नेटिंग विधेयक', 2020 को पारित किया। लोकसभा ने 20 सितंबर को यह विधेयक पारित किया था।
विदेश राज्यमंत्री वी मुरलीधरन ने सदन को बताया है कि मुझे सदस्यों को सूचित करना है कि सरकार ने आज सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने की सिफारिश करने का निर्णय लिया है। लेकिन लोकसभा द्वारा पारित किए गए कुछ महत्वपूर्ण विधायी कार्य का सदन के अनिश्चित काल के लिए स्थगित होने से पहले तक निपटान होगा।