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संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से: आठ विधेयकों को पेश करने की तैयारी में केंद्र सरकार, जोरदार हंगामे के आसार

Wed, 16 Jul 2025 11:37 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

बीते अप्रैल माह में खत्म हुए संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता लगभग 18 फीसदी रही थी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक राज्यसभा में भी भरपूर कामकाज हुआ और इस सदन की उत्पादकता 119 फीसदी रही।
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भारतीय संसद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस मानसून सत्र में सरकार आठ नए विधेयक पेश करेगी। इनमें मणिपुर में राष्ट्रपति शासन से जुड़ा विधेयक भी शामिल है। सरकार मणिपुर में राष्ट्रपति शासन बढ़ाने पर विचार कर रही है। इससे साफ है कि सरकार की इस उत्तर पूर्वी राज्य में फिलहाल राष्ट्रपति शासन हटाने की कोई योजना नहीं है। मणिपुर में 13 फरवरी को राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। राष्ट्रपति शासन के लिए सरकार को हर छह महीने में संसद की मंजूरी लेनी होती है। फिलहाल राज्य में राष्ट्रपति शासन की समयसीमा 13 अगस्त है। 
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ये विधेयक हो सकते हैं संसद में पेश
संसद के आगामी सत्र में सरकार मणिपुर वस्तु एवं सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक 2025, भारतीय संस्थान प्रबंधन (संशोधन) विधेयक 2025, कराधान विधि (संशोधन) विधेयक 2025, भू-विरासत स्थल एवं भू-अवशेष (संरक्षण एवं रखरखाव) विधेयक 2025, खान एवं खान (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2025, राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2025 और राष्ट्रीय डोपिंग रोधी (संशोधन) विधेयक 2025 को लोकसभा में पेश और पारित करा सकती है। साथ ही गोवा राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन विधेयक 2024, मर्चेंट शिपिंग विधेयक 2024, भारतीय बंदरगाह विधेयक 2025 और आयकर विधेयक 2025 को भी लोकसभा में पारित किए जाने की उम्मीद है।



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संसद के बजट सत्र में कितना काम हुआ?
बता दें कि बीते अप्रैल माह में खत्म हुए संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा की उत्पादकता लगभग 18 फीसदी रही थी। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक राज्यसभा में भी भरपूर कामकाज हुआ और इस सदन की उत्पादकता 119 फीसदी रही। संसद के दोनों सदनों में 16 विधेयक पारित किए गए। इस सत्र के दौरान काफी हंगामा भी हुआ, लेकिन संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के बाद, वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पारित किया गया।

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