संसद का मानसून सत्र सोमवार को अपने अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। वैसे तो मानसून सत्र 12 अगस्त तक चलना था, लेकिन इसे निश्चित समय से चार दिन पहले ही स्थगित कर दिया गया। इस दौरान लोकसभा में सिर्फ 48 फीसदी कामकाज हेा सका। वहीं अगर राज्यसभा की बात करें तो यहां भी कई मुद्दों पर हंगामे की वजह से 47 घंटे का कामकाज बाधित हुआ। संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू हुआ था।
मानसून सत्र के समय से पूर्व अवसान पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह संसद को गुजरात जिमखाना बनने से रोकेंगे। राज्यसभा में सोमवार को केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पारित होते ही सत्र अवसान की घोषणा हो गई।
डेरेक ने एक ट्वीट में भड़ास निकालते हुए लिखा, लगातार सातवीं बार संसद सत्र समय से पहले खत्म कर दिया गया। संसद का मजाक उड़ाना बंद करो। हम इसकी पवित्रता के लिए लड़ेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह को लोकतंत्र के पवित्र मंदिर को गुजरात जिमखाना में बदलने से रोकेंगे।
लोकसभा में क्या हुआ?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही स्थगित करने से पहले अपने कहा कि इस सत्र में सदन में 16 बैठकें हुईं। इस दौरान 44 घंटे 29 मिनट कामकाज हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सदन में उपस्थित थे। ओम बिरला ने बताया कि मानसून सत्र में सभा की कार्य उत्पादकता 48 फीसदी रही। इस सत्र में सदन में छह सरकारी विधेयक पेश किए गए और कुल मिलाकर सात विधेयक पारित हुए। इनमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक 2022, वन्यजीव संरक्षण संशोधन विधेयक 2022, केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 और ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2022 शामिल हैं।
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन में 318 विषय उठाए गए। शून्यकाल में लोक महत्व के 98 मामले भी सामने रखे गए। उन्होंने कहा कि संसद की स्थाई समितियों की 41 रिपोर्ट पेश की गईं और मंत्रियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 47 वक्तव्य दिए। 46 तारांकित प्रश्नों के मौखिक उत्तर मंत्रियों ने दिए। उन्होंने बताया कि महंगाई पर चर्चा में 31 सदस्यों ने भाग लिया। यह चर्चा छह घंटे 25 मिनट तक चली। सत्र में गैर-सरकारी सदस्यों द्वारा 91 विधेयक पेश किए गए।
अब बात राज्यसभा की
वहीं, सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 18 जुलाई को शुरू हुए इस सत्र में कुल 16 बैठकें हुईं। इस दौरान 38 घंटे से अधिक काम हुआ। हालांकि, हंगामे और अन्य बाधाओं के कारण 47 घंटे कामकाज बाधित रहा। उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान नियमित रूप से कामकाज बाधित होता रहा, जिससे सदस्यों ने लोक महत्व के अत्यावश्यक विषयों को सदन में उठाने का अवसर गंवा दिया।
मानसून सत्र के दौरान उच्च सदन में जो विधेयक पारित किए गए, उनमें राष्ट्रीय रेल और परिवहन संस्थान को गतिशक्ति विश्वविद्यालय में परिवर्तित करने के प्रावधान वाला केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक-2022, राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक-2022 और भारतीय अंटार्कटिक विधेयक-2022 शामिल हैं।
8वां वेतन आयोग गठित करने का कोई प्रस्ताव नहीं: सरकार
सरकार केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आठवां वेतन आयोग गठित करने पर विचार नहीं कर रही है। यह बात वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को लोकसभा में कही। चौधरी ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन के लिए सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसे 1 जनवरी 2026 को लागू किया जा सकता है। सरकार ने फरवरी 2014 में सातवें वेतन आयोग का गठन किया था। पैनल की सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से प्रभावी थीं।
1.62 लाख करोड़ की परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया जाना है:सरकार
सरकार ने सोमवार को कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान 1,62,422 करोड़ रुपये की परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण किया जाना है। सरकार ने पिछले साल छह लाख करोड़ रुपये का राष्ट्रीय परिसंपत्ति मुद्रीकरण कार्यक्रम (एनएमपी) शुरू किया था। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में लगभग 97,000 करोड़ रुपये के कुल मुद्रीकरण मूल्य के साथ लेनदेन पूरा किया था।