02:59 PM, 06-Mar-2020
जेबकतरों को फांसी पर नहीं लटकाया जा सकता
लोकसभा से कांग्रेस के सात सदस्यों के निलंबन को वापस लिए जाने की मांग करते हुए सदन में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ‘जेबकटुवा को फांसी के तख्ते पर नहीं चढ़ाया जा सकता’। चौधरी ने यह भी कहा कि कांग्रेस के सदस्य आसन को ‘पॉप ऑफ द वेटिकन’ की तरह सम्मान देते हैं और उन्होंने कभी आसन का अनादर नहीं किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सात सदस्यों को एक साथ शेष सत्र के लिए निलंबित किए जाने का कोई आधार नजर नहीं आता। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान अन्य विपक्षी सदस्य भी थे लेकिन कारण पता नहीं है कि किस आधार पर सातों सदस्यों को निलंबित कर दिया गया। यह छोटी बात नहीं है।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने चौधरी के बयान के संदर्भ में कहा, ‘निलंबित सदस्यों की तुलना जेबकतरों से करना उचित नहीं लगता। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इससे सहमत नहीं हैं।’ कांग्रेस सदस्यों के निलंबन को उचित ठहराते हुए जोशी ने कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष लालकृष्ण आडवाणी हमेशा सदस्यों को आसन का अनादर करने वाली किसी भी बात से रोकते थे।
जदयू सांसद राजीव रंजन ने भी चौधरी की टिप्पणी पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्होंने तो खुद अपने सदस्यों को ‘जेबकटुवा’ कह दिया यानी मान लिया कि उनसे गलती हुई है।