सरकार ने गुरुवार को राज्यसभा में कहा कि उच्चतर न्यायपालिका के लिए स्थापित ‘‘आंतरिक प्रकिया” के अनुसार देश के प्रधान न्यायाधीश उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशों के आचरण के संबंध में शिकायतें प्राप्त करने के लिए सक्षम हैं। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के आचरण के खिलाफ शिकायतें प्राप्त करने के लिए सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतें और अभ्यावेदन समुचित कार्रवाई के लिए प्रधान न्यायाधीश या संबद्ध उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भेज दी जाती है।
सरकार ने राज्यसभा में गुरुवार को बताया कि 31 दिसंबर 2020 तक केंद्रीय जांच ब्यूरो में 1,374 पद रिक्त थे। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि 7,273 स्वीकृत पदों की तुलना में भरे हुए पदों की संख्या 5,899 थी। उन्होंने कहा कि 5,000 कार्यकारी रैंक के पदों में से 4,171 पद भरे हुए थे। उन्होंने कहा कि विधि एवं मंत्री रैंक के स्वीकृत 370 एवं 162 पदों की तुलना में वास्तविक तैनाती 284 और 66 थी। सिंह ने कहा कि समय-समय पर सभी रैंकों के पदों पर रिक्तियों को भरने के लिए सक्रियता से कदम उठाए जाते हैं।
राज्यसभा में भाजपा के एक सदस्य ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में कामकाज हिंदी में और उच्च न्यायालयों में कामकाज स्थानीय भाषाओं में किए जाने के लिए कानून बनाने की मांग की। भाजपा सांसद ने कहा कि इससे आम आदमी को वास्तविक रूप से न्याय मिल पाएगा। शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए भाजपा के हरनाथ सिंह ने कहा, '' लोकतंत्र की अवधारणा में जनता सर्वोपरि होती है। देश की 98 फीसदी आबादी या तो हिंदी बोलती है या स्थानीय भाषा में संवाद करती है। मातृभाषा का कोई विकल्प नहीं हो सकता।''
रक्षा मंत्री ने बताया, पेंगोग लेक क्षेत्र में चीन के साथ सेनाओं के पीछे हटाने का जो समझौता हुआ है, उसके अनुसार, दोनों पक्ष एलएसी पर आगे की सैन्य तैनाती को पीछे हटाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा, मैं इस सदन को आश्वस्त करना चाहता हूं कि इस बातचीत में हमने कुछ भी खोया नहीं है। सदन को यह जानकारी भी देना चाहता हूं कि अभी भी एलएसी पर गश्त करने के बारे में कुछ मुद्दे बचे हैं। आगे की बातचीत में इन मुद्दों को सुलझाने पर ध्यान रहेगा।
पूर्वी लद्दाख में वर्तमान स्थिति पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि हम नियंत्रण रेखा ( एलएसी) पर शांतिपूर्ण स्थिति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने हमेशा द्विपक्षीय संबंधों को बनाए रखने पर जोर दिया है। रक्षा मंत्री ने कहा, एलएसी पर शांति में किसी प्रकार की प्रतिकूल स्थिति का हमारी द्विपक्षीय संबंध पर बुरा असर पड़ता है। कई उच्च स्तरीय संयुक्त बयान में भी यह जिक्र किया गया है कि एलएसी तथा सीमाओं पर शांति कायम रखना द्विपक्षीय संबंधों के लिए अत्यंत आवश्यक है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संसद भवन पहुंचे। राजनाथ सिंह आज सुबह 10:30 बजे राज्यसभा में पूर्वी लद्दाख की मौजूदा स्थिति पर बयान देंगे।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह आज 10:30 बजे संसद में एलएसी की मौजूदा स्थिति, चीन-भारत संबंध और सेना की तैयारी को लेकर बयान देंगे। इससे पहले सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे संसद पहुंच गए ।
भाजपा सांसद भगवत कराड ने राज्यसभा में शून्यकाल का नोटिस देते हुए महाराष्ट्र सरकार के पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और गायिका लता मंगेशकर के खिलाफ जांच के आदेश देने पर चिंता जताई।