फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

DNA Technology Bill: डीएनए तकनीक बिल लोकसभा से वापस, विपक्ष के हंगामे के बाद सरकार का फैसला

Mon, 24 Jul 2023 02:04 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

डीएनए टेक्नोलॉजी बिल पहली बार 8 जुलाई 2019 को साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया था। 
विज्ञापन
डीएनए टेक्नोलॉजी बिल लोकसभा में वापस - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकार ने सोमवार को लोकसभा से डीएनए टेक्नोलॉजी (उपयोग और अनुप्रयोग) रेगुलेशन बिल, 2019 को वापस ले लिया। दरअसल केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जब लोकसभा में विधेयक को पेश किया तो मणिपुर घटना के विरोध में विपक्ष के सांसद नारेबाजी और हंगामा कर रहे थे। विपक्ष के हंगामे को देखते हुए सरकार ने विधेयक को वापस ले लिया। 
विज्ञापन


क्या है डीएनए टेक्नोलॉजी बिल में
बता दें कि इस बिल में डीएनए तकनीक के उपयोग और अनुप्रयोग को कुछ श्रेणी के लोगों की पहचान जिनमें पीड़ित, संदिग्ध, विचाराधीन कैदी, लापता और अज्ञात मृतक शामिल हैं, उनके लिए इस तकनीक के इस्तेमाल को विनियमित करने की कोशिश की गई है। यह बिल पहली बार 8 जुलाई 2019 को साइंस एंड टेक्नोलॉजी, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की स्टैंडिंग कमेटी के पास भेजा गया था। 

इस विधेयक के तहत एक डीएनए रेगुलेटरी बोर्ड बनाया जाएगा, जो डीएनए डाटा बैंक और डीएनए लेबोरेट्रीज पर नजर रखेगा। बायोटेक्नोलॉजी विभाग के सचिव इस बोर्ड के अध्यक्ष होंगे। इस बोर्ड में बायोलॉजिकल साइंस के विशेषज्ञ, एनआईए के डीजी और सीबीआई के निदेशक शामिल होंगे। ये बोर्ड सरकार को डीएनए लेबोरेट्री और डाटा बैंक स्थापित करने के काम में सलाह देगा। स्टैंडिंग कमेटी ने 3 फरवरी 2021 को लोकसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें