वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार चीन से प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को समर्थन देने पर पुनर्विचार नहीं कर रही है, जैसा कि हाल में आर्थिक समीक्षा में कहा गया था। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी रिपोर्ट है, जो नये विचारों के बारे में बात करती है और आर्थिक सर्वेक्षण में व्यक्त विचार सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
लोकसभा में पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए, गोयल ने कहा कि सरकार चीनी निवेश की जांच करती है और इस संबंध में उसका रुख नहीं बदला है। प्रश्नकाल के दौरान, कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि भारत चीन पर निर्भर हो गया है और आर्थिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए कहा कि यह पड़ोसी देश से एफडीआई प्राप्त करने का समर्थन करता है।
गोयल ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि यूपीए शासन के दौरान भारत पड़ोसी देशों पर निर्भर हो गया। कांग्रेस के कार्यकाल में आयात चार अरब डॉलर से बढ़कर 40-45 अरब डॉलर हो गया, जो कि 10 गुना से ज्यादा है। हमारे समय में वृद्धि केवल 2-2.5 गुना है। हमने भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कदम उठाए हैं। गोयल ने कहा, मैं यूपीए पर सीधा आरोप लगा रहा हूं। उनका नाम अब इंडी गठबंधन है। हमें नहीं पता कि चीन के साथ वह एमओयू क्या था। यूपीए में व्यापार घाटा 30 गुना बढ़ गया था।
इस बीच जाति जनगणना की मांग पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रमुख जेपी नड्डा ने पूछा कि यूपीए शासन के दौरान राष्ट्रीय सलाहकार समिति में ओबीसी, एससी और एसटी समुदायों के कितने सदस्य थे। राज्यसभा में उच्च सदन के नेता नड्डा ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तो नेता आरक्षण व एमएसपी वृद्धि पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के खिलाफ थे। नड्डा ने आरोप लगाया कि वोट की खातिर कांग्रेस ने ओबीसी का चैंपियन होने का दिखावा करना शुरू कर दिया है। ये लोग अब मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं। ब्यूरो
क्या कहना चाह रहे, समझ नहीं आ रहा?
नड्डा ने कहा, समझ नहीं आ रहा कि कांग्रेसी कहना क्या चाह रहे...उद्योगपतियों का बजट है, कॉपी पेस्ट है। आपका बजट है, आपने पेस्ट किया, फिर कहा खराब है, तो आपका मेनिफेस्टो खराब है? क्या बोलना चाहते हैं, क्या बताना चाहते हैं, समझ में नहीं आता। नड्डा ने कांग्रेस के उन ट्वीट पर चुटकी ली, जिसमें बजट पेश होने के बाद यही सब कुछ लिखा हुआ था।
जम्मू-कश्मीर में 14 जवान बलिदान
गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया कि इस साल 21 जुलाई तक 11 आतंकी घटनाओं और 24 मुठभेड़ों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत कुल 28 लोग मारे गए। भाजपा सांसद प्रदीप कुमार सिंह के प्रश्न का उत्तर देते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लिखित उत्तर में बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में जम्मू और कश्मीर में आतंकी घटनाओं की संख्या में कमी आई है।
आंकड़ों के मुताबिक, 2023 में 46 आतंकवादी घटनाओं और 48 मुठभेड़ों या आतंकवाद विरोधी अभियानों में मारे गए लोगों की संख्या 44 (30 सुरक्षाकर्मी और 14 नागरिक) थी। 2018 में 228 आतंकवादी घटनाओं और 189 मुठभेड़ों या आतंकवाद विरोधी अभियानों में 146 लोग (91 सुरक्षाकर्मी और 55 नागरिक) मारे गए थे।
ईडी ने नौ डिफॉल्टरों को घोषित किया भगोड़ा आर्थिक अपराधी
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नौ डिफॉल्टरों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद को बताया कि विदेश भागे 16 आरोपियों के संबंध में 25 प्रत्यर्पण अनुरोध भी भेजे गए हैं। इसके अलावा, 725.90 करोड़ की संपत्ति भी जब्त की गई है। खराब ऋणों के संबंध में, उन्होंने कहा, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी) ने एनपीए खातों में 6,82,328 करोड़ रुपये की कुल वसूली की है, जिसमें बट्टे खाते में डाले गए ऋण भी शामिल हैं। ब्यूरो
मैला ढोने की प्रथा खत्म करने के लिए कोई विधेयक प्रस्तावित नहीं
केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने कहा कि नाले की सफाई पूरी तरह मशीनों से करने और मैला ढोने की प्रथा खत्म करने के लिए कोई विधेयक प्रस्तावित नहीं है। लोकसभा में केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि हाथ से मैला उठाने वालों के रूप में रोजगार के निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम, 2013 में संशोधन करने का एक प्रस्ताव था, जिसका उद्देश्य सुरक्षित सफाई प्रथाओं को संस्थागत व्यवस्था बनाना है। ब्यूरो
दालों का आयात 90 प्रतिशत बढ़कर 47.38 लाख टन हुआ
घरेलू मांग को पूरा करने के लिए 2023-24 के दौरान भारत का दालों का आयात सालाना 90 प्रतिशत बढ़कर 47.38 लाख टन हो गया। कृषि राज्य मंत्री राम नाथ ठाकुर ने लोकसभा में लिखित उत्तर में कहा, 2015-16 के दौरान दालों का उत्पादन 163.23 लाख टन से बढ़कर 2023-24 के दौरान 244.93 लाख टन (तीसरे अग्रिम अनुमान के अनुसार) हो गया है।
मनरेगा पर श्वेतपत्र की मांग को लेकर तृणमूल का बहिर्गमन
तृणमूल कांग्रेस ने वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के जवाब के दौरान मनरेगा पर श्वेत पत्र की मांग को लेकर लोकसभा से बहिर्गमन किया। पश्चिम बंगाल के लिए मार्च 2022 से मनरेगा की धनराशि रोक दी गई है।