संसद के बजट सत्र में गुरुवार को भी किसान आंदोलन पर वार-पलटवार का सिलसिला देखने को मिला। कांग्रेस का 'हाथ' छोड़कर भाजपा में आने वाले राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को राज्यसभा में मोदी सरकार का पक्ष रखा। संबोधन के दौरान उन्होंने कांग्रेस के अपने पुराने साथियों को खूब सुनाया। वहीं दिग्विजय सिंह ने सिंधिया के बयान पर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि आप जिस तरह से यूपीए सरकार का पक्ष रखा करते थे उसी तरीके से आपने मोदी सरकार का पक्ष रखा है। वाह महाराज जी वाह।
उन्होंने इस क्रम में कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि पार्टी ने 2019 में अपने चुनावी घोषणा पत्र में कृषि सुधारों का वादा किया था। इसके अलावा एनसीपी नेता और तत्कालीन यूपीए सरकार में कृषि मंत्री शरद पवार ने 2010-11 में हर राज्यों के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कृषि क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी को अनिवार्य बनाने संबंधी बात की थी। सिंधिया ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, 'जुबान बदलने की आदत बदलनी होगी... जो कहें, उस पर अडिग रहें।'