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Parliament Highlights: राज्यसभा में भाजपा सांसद ने मेज पर रखे अपने कृत्रिम पैर, माकपा का हंगामा

Tue, 03 Feb 2026 03:56 AM IST
लव गौर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Parliament Highlights: संसद में बजट सत्र का चौथा दिन  काफी हंगामेदार रहा। धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख की किताब को लेकर दिए गए बयान पर हंगामा हो गया। जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष में खूब तकरार देखने को मिली।जानिए आज संसद में चौथे दिन की कार्यवाही में क्या कुछ हुआ?
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संसद की फाइल तस्वीर - फोटो : ANI Photos
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विस्तार
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संसद के बजट सत्र का आगाज गत 28 जनवरी से हुआ है। सदन की कार्यवाही के चौथे दिन संसद में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया गया, जिसके बाद पर चर्चा की शुरुआत हुई। हालांकि संसद में सत्ता और विपक्ष के बीच जमकर टकराव हुआ और इसकी वजह भारत और चीन के बीच का तनाव था। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसी टकराव का मुद्दा उठाते हुए पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब और एक मैगजीन में छपी रिपोर्ट तक का जिक्र कर दिया।
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धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में बोले तेजस्वी सूर्या
लोकसभा में प्रश्नकाल के खत्म होने के बाद सर्बानंद सोनोवाल ने धन्यवाद प्रस्ताव सदन में प्रस्तुत किया। इसके बाद तेजस्वी सूर्या ने धन्यवाद प्रस्ताव के समर्थन में भाषण दिया, जहां उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। 

कांग्रेस को तेजस्वी सूर्या ने घेरा
बंगलूरू दक्षिण से भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 50 मिनट अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस को जमकर घेरा। सूर्या ने आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने 10 साल में भारत की संस्कृति नहीं बोला। इसी के साथ उन्होंने कांग्रेस की  देशभक्ति पर भी सवाल उठाए। साथ ही राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी लीडरशीप में पार्टी 95 चुनाव हार चुकी है। 
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राहुल गांधी के भाषण की शुरुआत से बरपा हंगामा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण में जैस ही पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल नरवणे की किताब का उल्लेख किया। संसद में हंगामा हो गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने उनके बयान पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। स्पीकर ओम बिरला ने भी सदन की परंपरा और नियमों का उल्लेख करते हुए राहुल को आगाह किया कि लोकसभा में ऐसे किसी भी तथ्य का उल्लेख नहीं किया जा सकता, जिसका प्रकाशन नहीं हुआ है। हालांकि राहुल गांधी अपनी बात पर अड़े रहे और लगातार किताब के कोट्स के बारे में बोलते रहे, जिसके बाद संसद की कार्यवाही को दो बार स्थगित करना पड़ा। 

जल जीवन मिशन के लिए 67300 करोड़ का आवंटन
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने राज्यसभा को बताया कि केंद्र सरकार ने अगले वित्तीय वर्ष के बजट में जल जीवन मिशन के लिए 67,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। कुछ शर्तों के पूरा होने पर यह धनराशि राज्यों को उपलब्ध कराई जाएगी।

पाटिल, आम आदमी पार्टी के सदस्य संजय सिंह के उस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे, जिसमें उन्होंने मिशन के लिए आंवटित राशि में कमी आने का कारण जानना चाहा था। सिंह ने पूछा था कि 2025-26 के बजट अनुमान में जल जीवन मिशन की धनराशि लगभग 67,000 करोड़ रुपये थी, जो वर्तमान वित्त वर्ष में घटकर मात्र 17,000 करोड़ रुपये रह गई है।

हिमाचल प्रदेश में उड़ान योजना के तहत दो हवाईअड्डों और नौ हेलीपैड की पहचान
सरकार ने राज्यसभा को बताया कि हिमाचल प्रदेश में उड़ान योजना के तहत दो हवाईअड्डों और नौ हेलीपैडों की पहचान की गई है, जहां से उड़ानों का संचालन किया जाएगा। इससे दूरस्थ इलाकों में हवाई संपर्क बढ़ेगा।

प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा, उड़ान योजना ने नागरिक उड्डयन क्षेत्र में क्रांति ला दी है और हम क्षेत्रीय दूरस्थ क्षेत्रों, विशेष रूप से द्वितीय और तृतीय स्तर के शहरों तक कनेक्टिविटी का विस्तार करने में सक्षम हुए हैं, जहां पहले कनेक्टिविटी स्थापित करना चुनौतीपूर्ण था।

उन्होंने कहा, योजना के माध्यम से सरकार 657 मार्गों को चालू करने में सफल रही है और इन मार्गों पर 1.59 करोड़ यात्रियों ने यात्रा की है। मंत्री ने कहा, हिमाचल में अब तक 38 रूट्स को चालू किया गया है, जो शिमला और कुल्लू हवाईअड्डे के अलावा रामपुर, मंडी, रिकांग पियो और संजौली जैसे हेलीपोर्ट्स को जोड़ते हैं। इसके अलावा नौ स्थानों पर हेलीपैड विकसित किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार प्रत्येक हेलीपैड पर औसतन करीब 13 करोड़ रुपये का बजटीय समर्थन दे रही है।

धूल को नियंत्रित करने के लिए झाड़ियां लगाने और मशीनों से सफाई को दे रहे बढ़ावाः भपेंद्र
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में बताया कि शहरों में धूल प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए झाड़ियां लगाने (ग्रीनिंग) और मशीनों से सड़कों की सफाई को बढ़ावा दिया जा रहा है। धूल की समस्या से निपटने के लिए शहर- विशिष्ट कार्य योजना लागू की जा रही है। इस योजना के तहत शहर की आवश्यकता के अनुसार हरियाली बढ़ाई जाती है। इसमें सड़कों को पक्का करना और धूल सोखने वाले पौधों का रोपण शामिल है।

मंत्री कहा, झाड़ियां धूल को नियंत्रित करने में सहायक होती हैं। वर्तमान में जिस तरह से सड़कें बनाई जा रही हैं, उसे देखते हुए राज्यों को मशीनीकृत सफाई अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, एनसीआर में भी धूल नियंत्रण के लिए नगर निगमों को मशीनीकृत सफाई अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।

'जो लोकतंत्र पर दहाड़ रहे, उन्होंने मेरे पैर काटे'

राज्यसभा में  भाजपा  सांसद सी. सदानंदन मास्टर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरुआत के दौरान केरल में सत्तारूढ़ माकपा कार्यकर्ताओं की असहिष्णुता को दिखाने के लिए अपनी कृत्रिम टांगें मेज पर रख दीं। इसका माकपा सांसदों ने विरोध किया और उनसे तीखी बहस हुई।

सदानंदन ने कहा, 'जो लोग लोकतंत्र के बारे में दहाड़ रहे हैं, उन्होंने 31 साल पहले केरल में मुझ पर हमला किया था। मैं घर लौट रहा था, जब संगठित अपराधियों ने मुझे पीछे से पकड़ा, सड़क पर गिरा दिया और इंकलाब जिंदाबाद चिल्लाते हुए मेरे पैर काट दिए।' इस पर माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने व्यवस्था का प्रश्न उठाया। इस पर सदानंदन ने ब्रिटास से असहिष्णु न होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, 'मैं देश और लोगों के सामने दिखाना चाहता हूं कि लोकतंत्र क्या है। आप हमेशा लोकतंत्र, सहिष्णुता और मानवता की बात करते हैं। आपकी प्रतिबद्धता राजनीतिक हिंसा पर आधारित है, जो लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है।' 

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जैसे दिव्यांग व्यक्ति को सदन में मनोनीत करने के लिए धन्यवाद दिया। ब्रिटास के व्यवस्था के प्रश्न के बाद कृत्रिम अंगों को मेज से हटा दिया गया।

आर्थिक असमानता बढ़ी, सांप्रदायिक विभाजन भड़का रही सरकार, विपक्ष का आरोप

राज्यसभा में विपक्ष ने कहा कि केंद्र को सबका साथ सबका विकास के अपने दावे पर सच्चाई का सामना करने की जरूरत है। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने सरकार को गरीब, मजदूर और किसान विरोधी बताया। चीनी घुसपैठ के राहुल गांधी के आरोपों का जिक्र कर उन्होंने कहा, इस मसले पर प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में गड़बड़ी का आरोप लगाया। जब सिंह ने महात्मा गांधी की हत्या के संदर्भ में आरएसएस का जिक्र किया, तो सदन के नेता जेपी नड्डा ने आपत्ति जताई आैर टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की। नड्डा ने कहा कि देश को गुमराह करना सिंह जैसे  वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता। तृणमूल की सागरिका घोष ने कहा कि आज के भारत में न तो सबका साथ है, न ही सबका विकास। द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र के नियमों का उल्लंघन कर बिल जबरदस्ती पास किए जा रहे हैं। राजद सांसद एडी सिंह ने कहा कि अभिभाषण में एक ऐसे भारत की तस्वीर पेश की गई है जो समान रूप से समृद्ध, समावेशी, भ्रष्टाचार मुक्त है व आत्मविश्वास से विकसित भारत की ओर बढ़ रहा है। यह तस्वीर  लाखों भारतीयों की असलियत से कटी हुई है। आप के संजय सिंह ने कहा कि एसआईआर के नाम पर करोड़ों मतदाताओं के नाम काटे जा रहे हैं।
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8 राज्यों में 1.315 करोड़ टन मोनाजाइट भंडार की पहचान

सरकार ने संसद को बताया कि परमाणु खनिज निदेशालय (एएमडी) ने देश के आठ तटीय राज्यों में 13.15 मिलियन (1.315 करोड़) टन मोनाजाइट (थोरियम व दुर्लभ पृथ्वी तत्वों का अयस्क) के भंडार की पहचान की है। ये भंडार तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र, गुजरात, झारखंड और पश्चिम बंगाल के तटीय रेत व अंतर्देशीय जलोढ़ क्षेत्रों में स्थित हैं। मोनाजाइट एक दुर्लभ लाल-भूरे रंग का फास्फेट खनिज है, जो थोरियम, लैंथेनम और सेरियम जैसे दुर्लभ मृदा तत्वों का मुख्य स्रोत है। यह मुख्यत: समुद्र तटीय रेत व आग्नेय चट्टानों में पाया जाता है। इसमें मौजूद रेडियोधर्मी तत्व परमाणु ऊर्जा उत्पादन में मददगार हैं।

इसके अलावा, उच्च-क्षमता वाले चुम्बक, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों व चिकित्सा तकनीक (एमआरआई) में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। कोयला और खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने  राज्यसभा में बताया कि 28 जनवरी तक एएमडी ने 136 समुद्री रेत खनिज भंडारों का अनुमान लगाया है, जिनमें 13.15 मिलियन टन मोनाजाइट मौजूद है। इसमें 7.23 मिलियन टन रेयर अर्थ ऑक्साइड और 1.18 मिलियन टन थोरियम ऑक्साइड के भंडार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, एएमडी ने राजस्थान व गुजरात में कठोर चट्टानों में दुर्लभ-पृथ्वी खनिजों के तीन भंडारों की पहचान की है, जिनमें 1.29 मिलियन टन आरईओ संसाधन मौजूद हैं।
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