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Parliament Budget Session: बजट सत्र से पहले 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई, 28 को राष्ट्रपति का अभिभाषण

Sat, 24 Jan 2026 03:48 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

संसद के बजट सत्र की शुरुआत इस साल 28 जनवरी से होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगी। इसके बाद निर्धारित अवधि में सदन के विधायी कामकाज का निपटारा किया जाएगा। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट पेश करेंगी। सत्र की शुरुआत से पहले सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
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संसद का बजट सत्र (फाइल) - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बजट सत्र से पहले सरकार ने सियासी सहमति बनाने की कवायद तेज कर दी है। संसद के आगामी बजट सत्र से ठीक एक दिन पहले, 27 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में विधायी कार्यसूची और सत्र के दौरान उठने वाले अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। सरकार का उद्देश्य सत्र को सुचारु रूप से चलाना और सभी दलों की राय जानना है।
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बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में अभिभाषण से होगी। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक 27 जनवरी को सुबह 11 बजे संसद भवन एनेक्सी के मुख्य समिति कक्ष में होगी। इस बैठक में सरकार और विपक्ष सत्र के एजेंडे पर अपनी-अपनी बात रखेंगे।

1 फरवरी को बजट, इतिहास में दुर्लभ मौका
इस बार केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा, जो रविवार है। यह संसद के इतिहास में एक दुर्लभ अवसर माना जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां बजट पेश करेंगी। बजट सत्र 2 अप्रैल तक चलेगा। सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा।
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विपक्ष-सत्ता पक्ष आमने-सामने
यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है, जब विपक्षी कांग्रेस ‘विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम’ को लेकर देशभर में अभियान चला रही है। कांग्रेस का कहना है कि यह कानून यूपीए काल की मनरेगा व्यवस्था की जगह लाया गया है। वहीं, भाजपा इस नए कानून को सुधारवादी बताते हुए पुरानी व्यवस्था की खामियां दूर करने की जरूरत पर जोर दे रही है। साफ है कि सत्र के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस के आसार हैं।
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लंबित विधेयक और वैश्विक दबाव
लोकसभा में फिलहाल नौ विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। ये विधेयक संसदीय समितियों के पास विचाराधीन हैं। इसके अलावा, बजट ऐसे समय में पेश हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों का असर दिख रहा है। संसद सचिवालय के अनुसार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर 2 से 4 फरवरी तक चर्चा होगी, जबकि 28 जनवरी और 1 फरवरी को शून्यकाल नहीं होगा।

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