फर्जी पोंजी स्कीम के नाम पर लोगों विशेषकर गरीबों को झूठे सपने दिखाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने वाले लोगों की शामत आने वाली है। ऐसे लोगों और कंपनियों पर लगाम कसने वाले एक विधेयक को सोमवार को संसद की मंजूरी मिल गई है।राज्यसभा ने ऐसी योजनाओं पर लगाम कसने के प्रावधानों वाले अविनियमित निक्षेप स्कीम पाबंदी विधेयक, 2019 को चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। उच्च सदन ने इससे संबंधित अध्यादेश को निरस्त करने संबंधी विपक्ष के प्रस्ताव को ध्वनिमत से खारिज कर दिया। यह विधेयक लोकसभा में पिछले सप्ताह ही पारित किया जा चुका है।
यह विधेयक कानून बनने के बाद इस संबंध में इस साल 21 फरवरी को लाए गए अध्यादेश का स्थान लेगा। उच्च सदन में विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि गरीबों से जुड़े इस विधेयक पर सभी दलों का समर्थन यह दर्शाता है कि गरीबों की गाढ़ी कमाई का पैसा लूटने का प्रयास करने वालों के खिलाफ संसद एकजुट है । उन्होंने कहा कि इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किए गए हैं की गरीबों का पैसा लूटकर कोई बच नहीं सकता।
ठाकुर ने कहा कि इस विधेयक के माध्यम से पोंजी योजनाओं की बुराई को समाप्त करने के लिये विधायी प्रावधानों को मजबूत बनाया गया है और खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।