राष्ट्रीय सहबद्ध (एलाइड) और स्वास्थ्य देखरेख वृत्ति आयोग, विधेयक 2021 पर बुधवार को संसद की मुहर लग गई। लोकसभा में बुधवार को इसे ध्वनिमत से पारित किया।
सरकार इस क्षेत्र केपेशेवरों की शिक्षा और सेवाओं के मानकों का विनियमन करने, स्वास्थ्य क्षेत्र को व्यवस्थित बनाने तथा सुधार लाने के उद्देश्य से यह बिल पेश किया था। लाया गया है। इसे राज्यसभा की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
विधेयक पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डा. हर्षवर्द्धन ने कहा, यह बिल सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख करने वाले पेशेवरों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को मरीजों पर केंद्रित बनाने पर जोर दिया गया है क्योंकि वास्तव में मरीजों की देखरेख के कार्य में नर्सिंग और सहबद्ध सेवाओं से जुड़े कर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान होता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, इन सेवाओं के लिये 12 सदस्यीय राज्य परिषद के गठन के अलावा एक राष्ट्रीय सलाहकार परिषद का प्रावधान किया गया है जिसमें राज्यों के प्रतिनिधित्व की व्यवस्था की गई है।
नर्सिंग स्टाफ चिकित्सा पेशे का महत्वपूर्ण अंग
डा. हर्षवर्द्धन ने कहा, सहबद्ध और स्वास्थ्य देखरेख करने वाले पेशेवर चिकित्सा पेशे का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनका योगदान डाक्टरों से अधिक नहीं तो कम भी नहीं है। यह विधेयक इस क्षेत्र के नियमन एवं इस पेशे से जुड़े लोगों को सम्मान प्रदान करने की दृष्टि से लाया गया है।