गोवा कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष गिरीश चोडांकर ने मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के स्वास्थ्य की आड़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। शनिवार को 24-अकबर रोड स्थित एआईसीसी के दफ्तर में आयोजित एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा, गोवा के मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य खराब है, इसके बावजूद मोदी उन्हें पद से नहीं हटा रहे हैं।
इसका सीधा मतलब है कि राफेल डील से संबंधित बहुत से अहम दस्तावेज मनोहर परिकर के पास हैं। चूंकि जिस वक्त ये डील हुई थी, पर्रिकर उस समय देश के रक्षा मंत्री थे। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को यह डर सता रहा है कि उन्होंने परिकर को हटाया तो वे राफेल डील पर मोदी का राज सार्वजनिक कर देंगे। गिरीश के मुताबिक, खुद को जबरन हटाने की स्थिति में परिकर चुप नहीं बैठेंगे।
चोडांकर ने कहा, पिछले नौ माह से मुख्यमंत्री परिकर बीमार हैं। इस दौरान केवल दो बार कैबिनेट की बैठक हुई है। गोवा का विकास प्रभावित हो रहा है। युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। माइनिंग की समस्या के चलते गोवा में रोजाना धरने-प्रदर्शन हो रहे हैं। असल बात यह है कि गोवा में संवैधानिक संकट खड़ा हो गया है।
कांग्रेस पार्टी की मांग है कि गोवा को फुल टाइम सीएम मिले। अगर फुल टाइम सीएम देना संभव नहीं है तो डिप्टी सीएम ही दे दें। यह भी नहीं हो पा रहा है तो किसी को कार्यवाहक सीएम ही बना दें। गोवा को इस संवैधानिक संकट से निजात दिलाने के लिए राज्यपाल से भी आग्रह किया गया है।
विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के लिए एक दिन का विशेष सत्र बुलाने के लिए उपराज्यपाल को लिखा जा चुका है, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, गोवा की जनता ही नहीं, बल्कि अब भाजपा के नेता भी यह कहने लगे हैं कि यहां पर कोई फुल टाइम मुख्यमंत्री होना चाहिये। भाजपा के सहयोगी दल भी यही मांग करने लगे हैं।
गोवा के दो कैबिनेट बीमार हुए थे तो उन्हें पद से हटा दिया गया था। केंद्र में वित्त मंत्री अरुण जेटली बीमार हुए तो उनकी जगह कुछ दिन के लिए रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय सौंपा गया। इसी तरह गोवा में भी होना चाहिये। पवन खेड़ा ने दावा किया है कि गोवा भाजपा के अध्यक्ष विनय तेंदुलकर और भाजपा नेता माइकल लोबो सहित दूसरे मंत्री, सांसद व विधायक भी अब यह महसूस करने लगे हैं कि हम गोवा में बहुमत खो चुके हैं।