कश्मीर मुद्दों पर अक्सर लिखने वाली लेखिका अंरुधति रॉय के लिए अपशब्द बोलने का बीजेपी सांसद परेश रावल को कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने एक बार फिर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार जितना अंरुधति के पास है उतना मेरे पास भी है।
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक अभिनेता ने कहा कि उन्हें देश की राजनीति क्या पीएम मोदी की आलोचना करने का हक है, लेकिन देश की आर्मी का तीखा विरोध करना बेहद गलत है। गोदरा कांड पर अंरुधति की टिप्पणियों को घेरते हुए परेश रावल ने कहा कि अगर वो उन बातों पर माफी मांगती हैं, तो मैं भी माफी मांगने के लिए तैयार हूं।
परेश ने कहा कि सेना के खिलाफ लिखना बेहद आसान है, एक बार अगर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ लिखा तो चार लोग आकर मुंह तोड़ जाएंगे। दरअसल, कश्मीर में पत्थरबाज को मेजर ने जीप पर बांधकर हालात पर काबू पाने की कोशिश की थी।
इस विरोध के बीच परेश रावल ने अपनी भड़ास निकालते हुए ट्विटर पर लिखा कि पत्थरबाज की जगह अंरुधति को जीप के आगे बांध देना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर पक्ष-विपक्ष शुरू हो गया था।