बच्चे को पत्थर से बांधकर काम करने जाती है मां
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अहमदाबाद में एक कंस्ट्रक्शन साइट के पास एक ऐसी बच्ची दिखी, जिसके पैरों में प्लास्टिक की पट्टी बंधी थी। इस प्लास्टिक की पट्टी का एक हिस्सा बच्ची के पैर में बंधा था और दूसरा हिस्सा पत्थर से बंधा हुआ था। 15 महीने की यह बच्ची शिवानी रोजाना करीब 9 घंटे तक इसी तरह से बंधी रहती है। भले ही बच्ची पेड़ की छांव में रहती है, लेकिन इस समय वहां का पारा 40 डिग्री से ऊपर ही रहता है, जिसके थपेड़े इस मासूम बच्ची को भी झेलने पड़ते हैं।
जब बच्ची की मां सरता कालरा से इस बारे में बात की गई तो उसने बताया कि बच्चे को बांधने के अलावा उसके पास और कोई रास्ता नहीं है। उसका बेटा महज साढ़े तीन साल का है, इसलिए वह बच्ची को नहीं संभाल पाता है। बच्ची की मां ने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइट पर बहुत भीड़-भाड़ होती है और काम होता रहता है। ऐसे में बच्ची खेलते-खेलते किसी हादसे का शिकार न हो जाए, इसलिए उसे बांधना पड़ता है।
बच्ची की मां और पिता रोजाना 250 रुपए की दिहाड़ी पर काम करते हैं। देश भर में करीब 4 करोड़ मजदूर कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं, जिनमें से हर पांच में से एक मजदूर महिला है। इन मजदूरों में से अधिकर गरीब हैं, जो खुले में टेंट लगाकर रहते हैं। ये लोग ईंट ढोने, गड्ढा खोदने और लग्जरी घर बनाने का काम करते हैं।