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पूरे देश को चंद्रयान-2 से अच्छी खबर का इंतजार, इसरो को भी है पूरी उम्मीद

Mon, 09 Sep 2019 07:28 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला
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Vikram Lander and Pragyan Rover - Chandrayaan-2 - फोटो : AmarUjala
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चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम से जुड़ी एक अच्छी खबर आ जाती और इसरो का संपर्क जुड़ जाता, तो देश में छाई उदासी दूर हो जाती। शास्त्री भवन के एडिशनल सेक्रेटरी स्तर के नौकरशाह का भी कहना है कि इस तरह की सूचना आने के बाद तो प्रधानमंत्री एक बार फिर हीरो की तरह चमकने लगेंगे। नाम न छापने की शर्त पर राजस्थान के एक बड़े भाजपा नेता का कहना है कि चंद्रयान-2 का असर मोदी सरकार-2 के 100 दिन पूरे होने के जश्न पर पड़ रहा है। वहीं इसरो से जुड़े वैज्ञानिक (डीएम टेक्निकल) का कहना है कि थोड़ी उम्मीद बची हुई है। देखिए क्या होता है।

सभी में चंद्रयान-2 को लेकर उत्सुकता

चंद्रयान-2 से अच्छी खबर सुनने की यह उत्सुकता इसरो, भाजपा, केन्द्र सरकार को ही नहीं, बल्कि प्रोफेशनल्स में भी बनी हुई है। आईबीएम के सीनियर अधिकारी राजेश चौधरी को अभी भी लग रहा है कि अच्छी सूचना आएगी। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अफसर का कहना है कि लैंडर विक्रम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। इसका अर्थ है कि प्रज्ञान को क्षति नहीं पहुंची है।

चमत्कार पूछ कर नहीं होता

कांग्रेस की नेता सुष्मिता देव का कहना है कि चंद्रयान-2 से संपर्क बनने देश की ख्याति बढ़ेगी। हम सभी को ऐसी सूचना का इंतजार है। विश्वविद्यालय की पढ़ाई के दौरान भौतिक विज्ञान में रुचि रखने वाले संयुक्त सचिव का कहना है कि चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग हुई है। लैंडिंग के दौरान संपर्क टूटा है। इसलिए वह बहुत उम्मीद नहीं पाल रहे हैं, फिर चमत्कार किसी से पूछकर नहीं होता। सूत्र का कहना है कि चंद्रयान-2 अभी भी अधिकारियों के बीच में रोज चर्चा में बना हुआ है।

क्या कहते हैं इसरो से जुड़े लोग

चंद्रयान-2 की टीम के वैज्ञानिक अभी मीडिया से बात करने से कतरा रहे हैं। वैज्ञानिक रितु कारिधाल भी अभी फोन पर उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इसरो से जुड़े सूत्र बताते हैं कि हर संभव कोशिश जारी है। अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पास अभी अगले दस दिन बेहद महत्वपूर्ण हैं। बताते हैं एक लुनर 14 दिन का होता है। चार दिन बीत चुके हैं, 10 दिन बाकी हैं। इसके बाद चंद्रमा की सतह पर अंधेरा छा जाएगा।

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इस दौरान संपर्क के प्रयासों में सफलता मिलने की गुंजाइश कम हो जाती है। फिर हमें 14 दिन का आगे इंतजार करना पड़ेगा। सूत्र बताते हैं इसरो के वैज्ञानिक लगातार अच्छी सूचना पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। इसरो के वैज्ञानिक विवेक सिंह के पास भी लगातार चंद्रयान-2 के बारे में जानकारी लेने के लिए फोन आ रहे हैं।

कहां टिकी है उम्मीद

प्राप्त जानकारी के अनुसार लैंडर विक्रम की हार्ड लैंडिंग के कारण उसकी पोजीशन में कुछ अटपटा होने की संभावना है। बताते हैं इसके कारण एंटीना और संचार प्रणाली से इसरो मुख्यालय का संपर्क नहीं जुड़ पा रहा है। बताते हैं यह किसी विशेष स्थिति में ही संभव है। लोकिन संपर्क जुडऩे के बाद फिर चंद्रयान-2 से पूरी उम्मीद बन जाएगी। यह प्रणाली चंद्रमा की सतह पर अपना काम करने लगेगी और सूचनाओं का प्रवाह बन जाएगा। वरिष्ठ वैज्ञानिक का कहना है कि ऐसा होना भी अंतरिक्ष में एक चमत्कार के फलीभूत होने जैसा होगा।

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