ओपीएस गुट के पनरुति एस रामचंद्रन
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इरोड-पूर्व उपचुनाव के लिए अन्नाद्रमुक के दो गुटों के बीच काफी खींचतान चल रही है। इस बीच अन्नाद्रमुक नेता ओपीएस गुट पनरुति एस रामचंद्रन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले में कहा गया है कि जनरल काउंसिल के सदस्यों को चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों का मूल्यांकन करना चाहिए और उम्मीदवार के फैसले के लिए उनकी राय लेनी चाहिए। यह सामान्य परिषद द्वारा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हुआ उल्लंघन
आगे उन्होंने कहा कि प्रेसीडियम के अध्यक्ष तमिल मगन हुसैन ने उम्मीदवारों का चयन करने के बजाय जनमत संग्रह का विकल्प चुना है। उन्होंने स्वयं एक उम्मीदवार का प्रस्ताव रखा और जीसी सदस्यों से सहमत या असहमत होने के लिए कहा। यह बिल्कुल अलग प्रक्रिया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन किया है।
पनरुति एस रामचंद्रन ने कहा कि यह उम्मीदवारों के चयन की एक अवैध प्रक्रिया है। हम किसी भी अवैध प्रक्रिया से जुड़ना नहीं चाहते हैं। हम प्रेसिडियम के अध्यक्ष के फैसले से खुद को अलग करते हैं। ईसीआई तय करेगा कि आगे क्या कार्रवाई करनी है। वे जो भी फैसला करेंगे, हम उसका पालन करेंगे।
ये है पूरा मामला
बता दें, अन्नाद्रमुक के दो गुटों ने 27 फरवरी को होने वाले इरोड-पूर्व उपचुनाव के लिए अपने-अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं। ओ पन्नीरसेल्वम के नेतृत्व वाले गुट ने सेंथिल मुरुगन को अन्नाद्रमुक का उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि ई. पलानीस्वामी (EPS) के नेतृत्व वाले खेमे ने केएस थेनारासु को पार्टी उम्मीदवार बनाया है। दोनों गुट अन्नाद्रमुक पर अपना दावा ठोक रहे हैं। इसलिए यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।