उद्धव ठाकरे-शरद पवार (फाइल फोटो)
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प्रमुख शरद पवार ने पालघर की घटना के मद्देनजर मंगलवार को महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाने वाले लोगों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह समय राजनीतिक लड़ाई का नहीं है, बल्कि इस समय कोरोना वायरस से लड़ने के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि राज्य के मंत्रियों पर आरोप लगाने या उनके इस्तीफे की मांग करने से ऐसे समय में बचना चाहिए जब सभी घातक कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं और ध्यान रखा जाना चाहिए कि संकट को दूर करने के लिए सामूहिक प्रयास धीमे न हों।
भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने की घटना की निंदा करते हुए पवार ने कहा कि यह गलतफहमी से हुआ है और महाराष्ट्र विकास अघाडी सरकार द्वारा तत्काल कदम उठाए गए और 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना की जांच चल रही है। राज्य सरकार ने इस घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
राकांपा अध्यक्ष ने मीडिया से कोरोना वायरस के खतरे के बीच नकारात्मक रिपोर्ट प्रसारित नहीं करने की अपील की और इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सामने लाने का आग्रह किया ताकि, लोगों में विश्वास पैदा हो सके। उन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मुसलमानों से लॉकडाउन की अवधि के दौरान घर पर रहकर ही रमजान मनाने की अपील की है।
बता दें कि महाराष्ट्र के पालघर जिले में भीड़ ने दो संतों और उनके ड्राइबर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। दोनों साधु जूना अखाड़े के थे। इस मामले में 101 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया था।
जूना अखाड़े के दो साधु महंत सुशील गिरी महाराज (35), महंत चिकने महाराज कल्पवृक्ष गिरी (65) अपने ड्राइवर निलेश तेलगडे (30) के साथ मुंबई से गुजरात के सूरत में अपने साथी के अंतिम संस्कार के लिए जा रहे थे। पालघर के एक गांव में गांववालों ने इन्हें डकैत समझकर पीट-पीटकर मार डाला।