भारत की चार दिवसीय यात्रा पर आए फलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। अब्बास रविवार रात भारत पहुंचे। सोमवार को दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। फलस्तीन के साथ कई अहम समझौते के जरिए भारत ने संदेश देने की कोशिश की कि उसके लिए इस्राइल और फलस्तीन के रिश्ते के मायने अलग-अलग हैं।
फलस्तीनी राष्ट्रपति की यह भारत की तीसरी यात्रा है। यह यात्रा ऐसे समय पर हुई है जब प्रधानमंत्री मोदी जुलाई में इस्राइल की यात्रा पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी की यह पहली इस्राइल यात्रा होगी। इस दौरान वह फलस्तीन नहीं जाएंगे।
इससे पहले देश के राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने इस्राइल यात्रा के दौरान अनिवार्य रूप से फलस्तीन की भी यात्रा की है। चूंकि पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा के कार्यक्रम में फलस्तीन का दौरा शामिल नहीं था। ऐसे में नकारात्मक कूटनीतिक संदेश जाने के बचने के लिए फलस्तीनी राष्ट्रपति की भारत यात्रा का कार्यक्रम तय किया गया।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को अब्बास-मोदी वार्ता के इतर प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देश कई अहम समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। भारत इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश करेगा कि उसके लिए इस्राइल और फलस्तीन का अलग-अलग महत्व है। पीएम मोदी की इस्राइल यात्रा में भी कई अहम समझौते होने हैं।
सी डैक पहुंचे अब्बास
सोमवार को फलस्तीनी राष्ट्रपति ने नोएडा स्थित सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) के अलावा इंडिया इस्लामिक सेंटर का दौरा किया। मंगलवार को अब्बास राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री से अलग-अलग मुलाकात करेंगे।