NDA में जेडीयू के शामिल होने से बिहार में बीजेपी की ताकत बढ़ गई है लेकिन मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक बीजेपी दक्षिण भारत में भी अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रही है। खबर है कि दक्षिण की सबसे बड़ी पार्टी AIADMK को लेकर अगस्त के पहले सप्ताह में बीजेपी बड़ा फैसला ले सकती है। यानि बीजेपी AIADMK को NDA में शामिल कर सकती है।
टेलीग्राफ के मुताबिक पीएम मोदी जल्द अपने मंत्रिमंडल में बदलाव करने वाले हैं, इससे पहले ही AIADMK उनके साथ आ जायेगी। AIADMK के कुछ नेताओं को भी मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। अखबार के सूत्रों के मुताबिक 2019 के चुनाव से पहले बीजेपी AIADMK को अपने साथ लाना चाहती है ।
AIADMK के पास दोनों सदनों में 50 सांसद हैं। जिसका फायदा बीजेपी को मिल सकता है। बीजेपी और कांग्रेस के बाद AIADMK तीसरी सबसे बड़ी पार्टी भी है। 1999 में AIADMK अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार का हिस्सा रही है।
यहां एक बात गौर करने लायक है कि बीजेपी के साथ हाथ मिलाने से AIADMK को भी फायदा होगा क्योंकि AIADMK की विरोधी DMK कांग्रेस के साथ है। और आपने वो कहावत सुनी होगी कि दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है। सूत्रों के मुताबिक AIADMK पर स्थिति साफ हो जाने के बाद ही मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा
वहीं चेन्नई में एआईएडीएमके (अम्मा) के डिप्टी महासचिव टीटीवी वी के साथ दो एआईएडीएमके गुटों के विलय के लिए धिककरन के अल्टीमेटम के करीब हो गए। मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि उनके और उनके पूर्ववर्ती ओ पन्नीरसेल्वम की अगुआई वाली एआईएडीएमके गुट एकजुट होंगे।
जब मीडिया ने पलानीस्वामी से पूछा कि क्या इस दिशा में प्रयास किये गए हैं तो उन्होंने कहा कि मुझे आशा है कि हमारा एकीकरण हो जाएगा। पुरची थलीवी अम्मा गुट के नेता पन्नीरसेल्वम ने पिछले महीने प्रस्तावित विलय को दबा दिया था, जब उन्होंने सात सदस्यीय पैनल को विघटित करने की घोषणा की थी, जिसने पलानीस्वामी की अगुआई वाली एआईएडीएमके (अम्मा) गठबंधन के साथ एकीकरण वार्ता जारी रखने की स्थापना की थी।