एआईएडीएमके ने एक अहम फैसला लेते हुए पार्टी की महासचिव वीके शशिकला को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उनसे पार्टी का महासचिव पद छीन लिया गया है।इससे पहले हाईकोर्ट में पार्टी ही एक विधायक ने इन दोनों को एएमएडीएमके से बाहर करने के लिए याचिका लगाई थी।
इस बीच शशिकला समर्थक नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा कोई भी फैसला लिया जाता है तो उनका यह कदम विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान अपनी हार के लिए मंच तैयार करने वाला फैसला साबित होगा।
वहीं, पलानीस्वामी गुट के नेताओं का कहना है कि शशिकला को अगर पार्टी से बाहर किया जाता है तो उनका खेमा कमजोर होगा साथ ही सत्तारूढ़ पक्ष में विधायकों को शामिल करने में दिक्कत आएगी। इतना ही नहीं पार्टी को सत्ता में आने के एक साल बाद ही चुनावों का सामना भी करना पड़ सकता है।