भारत ने शुक्रवार (14 जुलाई) को अपना मून मिशन चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इसरो इस मिशन से चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने की तैयारी में है। अगर भारत अपने मिशन में कामयाब होता है तो वह चीन, रूस और अमेरिका के बाद चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने वाला चौथा देश बन जाएगा। चंद्रयान के सफलतापूर्वक लॉन्च करने की भारत की सफलता पर कई देशों ने बधाई दी। पाकिस्तान की मीडिया में भी चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग की काफी चर्चा है।
इस बीच पाकिस्तान के पूर्व सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी का एक ट्वीट वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने चंद्रयान-3 के सफल लॉन्चिंग को लेकर भारत को बधाई दी है। उनके इस ट्वीट की चर्चा इसलिए हो रही है क्योंकि इससे पहले जब भारत का चंद्रयान-2 सॉफ्ट लैंडिंग के प्रयास में असफल हो गया था, तब फवाद चौधरी ने भारत पर करारा तंज कसा था। उन्होंने तब एक ट्वीट में भारत के लिए 'India' की जगह 'Endia' शब्द का इस्तेमाल किया था।
उन्होंने सितंबर 2019 में किए गए अपने ट्वीट में लिखा था, ओहो....जो काम आता नहीं, पंगा नहीं लेते न...डियर इंडिया (Endia)।
हालांकि, इस बार उन्होंने भारत को बधाई देते हुए कहा, चंद्रयान-3 के लॉन्च पर भारत के अंतरिक्ष और विज्ञान समुदाय को बधाई। आप सबको मेरी शुभकामनाएं।
उनके इस बधाई संदेश को लेकर उनकी काफी आलोचना की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू ने कहा कि मिशन की असफलता पर फवाद चौधरी ने जो ट्वीट किया था वो इमरान खान की तत्कालीन सरकार को खुश करने के लिए था। इसके लिए उन्हें शर्म आनी चाहिए।
पाकिस्तानी मीडिया ने क्या कहा?
पाकिस्तान के सभी बड़े अखबारों, डॉन, द एक्सप्रेस ट्रिब्यून, जियो टीवी आदि ने चंद्रयान-3 के लॉन्चिंग को लेकर कई खबरें प्रकाशित की हैं। लगभग सभी रिपोर्ट्स में इस बात की प्रमुखता से चर्चा है कि सॉफ्ट लैंडिंग की भारत की पहली कोशिश असफल रही थी। वहीं, भारत की इस सफलता को लेकर पाकिस्तान के कुछ लोग अपनी सरकार को कोस रहे हैं। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी व्यवसायी साजिद तरार ने पाकिस्तानी पत्रकार आरजू काजमी के शो पर बात करते हुए कहा कि पाकिस्तान की सरकारें केवल अपने लोगों को बेवकूफ बनाती हैं।
उन्होंने भारत के मून मिशन की बात करते हुए कहा, 'ये चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाले हैं, वहां रोशनी नहीं है, सतह काफी-उबड़ खाबड़ है, बड़ा मुश्किल है वहां लैंडिंग करा पाना। भारत का सारा प्रोग्राम अपेक्षाकृत सस्ता होता है। भारत के वैज्ञानिकों में राष्ट्रीयता का जज्बा है इसलिए वो ये सबकुछ कर लेते हैं, लेकिन हमारा फोकस इन सब पर नहीं होता। उन्होंने पाकिस्तान के युवाओं को सलाह दी कि वो भारत की मीडिया में चल रही खबरों को देखें ताकि उन्हें पता चले कि हमारा पड़ोसी कितना आगे जा रहा है और हम क्या कर रहे हैं।