पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद जहर उगल रहे पाकिस्तानी और आतंकवाद समर्थित टीवी चैनल और रेडियो का प्रसारण करने वालों के खिलाफ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट है कि मुस्लिम बहुल शहरों में इन चैनलों का प्रसारण जानबूझकर कराया जा रहा है। कई बार इन प्रतिबंधित चैनलों के प्रसारण के खिलाफ शिकायतें आई हैं। तब इस पर गंभीरता नहीं दिखाई गई लेकिन अब भारत-पाकिस्तान के रिश्ते खराब हैं इसलिए सख्ती की गई है।
इंटेलीजेंस ब्यूरो की रिपोर्ट है कि बरेली, संभल, मुरादाबाद, अलीगढ़, आजमगढ़, कानपुर, सहारनपुर, बिजनौर सहित 29 शहरों के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में चोरी छिपे पाकिस्तानी और आतंकवाद समर्थित चैनल देखे जा रहे हैं। यहां तक कि चीनी ट्रांसमिशन लगाकर इनके रेडियो का प्रसारण सुने जाने की सूचना भी मिली है।
इससे भ्रामक प्रसारण करके भारतीय युवाओं को गुमराह करने की कोशिश की जा सकती है। इन भ्रामक सूचनाओं का प्रसारण करने वाले चैनलों के संचालकों के खिलाफ राष्ट्र विरोधी गतिविधि कानून के तहत कार्रवाई की जाए। खुफिया रिपोर्ट में कुछ चैनल और रेडियो के नामों का भी उल्लेख किया है।
ये चैनल हैं जो चल रहे हैं
क्यू और मदनी चैनल धार्मिक उन्माद फैलाने वाले हैं। पूरे भारत में इनका प्रसारण प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई इलाकों में एलसीओ (लोकल केबल ऑपरेटर) के माध्यम से चोरी छिपे प्रसारण कराया जाता है। इसके साथ ही जियो और पीटीवी आदि न्यूज चैनल प्रसारित हो रहे हैं।
इस बाबत केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय के डिप्टी सेकेट्री, शंकर लाल ने कहा, 'इन चैनलों को दिखाने वालों के कार्यालय को सीज करने के साथ-साथ उपकरणों को जब्त करने का फैसला लिया है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए डीएम अधिकृत किए गए हैं। डीएम अपने अधीनस्थ एडीएम, एसडीएम, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपाधीक्षक को भी कार्रवाई के लिए अधिकृत कर सकते हैं। इनके अलावा अन्य अधिकारियों को भी कार्रवाई की जिम्मेदारी सौंप सकते हैं।'
वहीं डीएम, पंकज यादव ने जानकारी देते हुए बताया,'खुफिया टीमें लगा दी गई हैं, जो कि जिले में प्रतिबंधित चैनल प्रसारित करने वालों की जानकारी जुटा रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'