भारत द्वारा पाकिस्तान में गिरफ्तार पूर्व नौसैनिक अधिकारी कूलभूषण जाधव से उनकी मां और पत्नी मिलना चाहती हैं। इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय करीब सप्ताह भर पहले पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को पत्र लिखा था।
भारत इस संबंध में पाकिस्तान के पत्र का इंतजार कर रहा है। अभी तक इस्लामाबाद ने इस मामले में कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव की मां, पत्नी से मिलने की इजाजत देनी ही होगी।
मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि नई दिल्ली ने इस मामले को काफी वरीयता देकर पाकिस्तान से मानवीय आधार पर निर्णय लेकर कुलभूषण की मां वह पत्नी से उन्हें मिलने देने की इजाजत मांगी है।
सूत्र बताते हैं कि अभी भारत सरकार को भी इसकी कोई जानकारी नहीं है कि पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को कहां, किस जेल या ठिकाने पर रखा है।
बताते हैं जाधव के मामले में अभी राजनयिक पहुंच भी नहीं मिल सकी है। लेकिन नई दिल्ली को भरोसा है कि पाकिस्तान इस दिशा में सकारात्मक पहल करेगा।
राजनयिक चैनल से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि भारत ने कुलभूषण जादव से मिलने की अनुमति मानवीय आधार पर मांगी है। इस समय वैसे भी पाक कूटनीतिक स्तर पर भारी दबाव के दौर से गुजर रहा है।
इसलिए कुलभूषण जाधव के इस प्रकरण में वह मानवता के खिलाफ नहीं जाना चाहेगा। बताते हैं इन्हीं पहलुओं का ध्यान रखते हुए भारत अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में पांचवी और आखिरी सीट के न्यायाधीश पद के चुनाव के दौरान भी काफी संयम बरता।
पाकिस्तान मामले से जुड़े एक अन्य सदस्य का मानना है कि आमतौर पर इस तरह के मामले में पड़ोसी देश का जवाब तीन-चार दिन में आ जाता है। थोड़ी देर जरूर हो रही है, लेकिन उम्मीद है कि अगले एक दो दिन में पड़ोसी देश इस बारे में कोई निर्णय अवश्य लेगा।