भारत ने पाकिस्तान को आगाह किया है कि अगर उनकी तरफ से आतंकवादियों की घुसपैठ जारी रही तो इस हफ्ते हुए संघर्ष विराम करार पर अमल खटाई में पड़ सकता है। भारत ने दोनों देशों के बीच चल रहे ट्रैक-2 बातचीत केजरिए पाकिस्तान को करीब 20 जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादियों के घाटी में घुसने की जानकारी दे दी है। साथ ही चेतावनी भी दी गई है कि पाक सेना किसी भी सूरत में अपनी तरफ से घुसपैठ को रोके। भारत ने यह भी कहा है कि घाटी में रमजान के दौरान आतंकवादी विरोधी सैन्य कार्रवाई के रोके जाने के सरकार के फैसले का सम्मान होना चाहिए।
मामले से जुड़े उच्चपदस्थ सरकारी सूत्रों ने बताया कि ट्रैक-2 बातचीत में शामिल पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत की इस शिकायत को काफी गंभीरता से लिया है। गौरतलब है कि बीते मंगलवार को दोनों देशों के महानिदेशक मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) के बीच हुई बातचीत में संघर्ष विराम बरकरार रखने के लिए ऐसे मसलों पर बंदूक के बजाए सूचना के आदान प्रदान और फ्लैग मीटिंग के जरिए बातचीत कर समाधान निकालने पर सहमति बनी थी। जरुरत पड़ी तो डीजीएमओ एक बार फिर औपचारिक तौर पर इस मसले पर बातचीत करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना का शीर्ष नेतृत्व भारत के साथ संघर्ष विराम को लेकर काफी गंभीर है। लेकिन उनकी सेना के मध्य स्तर की ओर से इस करार पर उत्साहपूर्ण प्रतिक्रिया नहीं है। लश्कर-ए-तोएबा और जैश जैसे पाक केभारत विरोधी आतंकी संगठन घुसपैठ के लिए ऐसे ही अधिकारियों की मदद लेते हैं। सूत्रों ने बताया कि यह स्थिति बड़ी मशक्कत से पटरी पर आ रहे मामले का खेल बिगाड़ सकती है।
सेना के अधिकारी के मुताबिक जम्मू- कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर गर्मी की वजह से बर्फ पिधली हुई है। ऐसे में घुसपैठ बहुत आसान है। सेना और कश्मीर पुलिस के पास मौजूद जानकारी के मुताबिक 200 से अधिक प्रशिक्षित आतंकी सीमा पार करने के लिए तैयार बैठे हैं।
गौरतलब है कि पिछले साल रमजान में कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई जारी थी जिसमें 27 आतंकी, 9 सुरक्षाकर्मी और 6 नागरिक मारे गए थे। रमजान के बाद शुरु हुए अमरनाथ यात्रा में भी लंबे समय बाद आतंकियों ने बस पर हमला किया था जिसमें 7 लोगों की मौत हुई और 19 घायल हुए थे।