सीमापार से स्नाइपर हमले की घटनाओं के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा कि ऐसी घटनाएं बीते कई महीनों के दौरान शून्य पर आ गई हैं, विशेषकर बालाकोट हमले के बाद।
उन्होंने कहा, 'स्नाइपर हमले की कुछ घटनाएं पहले हुई थीं जिसके फलस्वरूप हमने अपनी रक्षा को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय किए हैं। इस वर्ष के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 26 फरवरी के बीच पाकिस्तानी सेना द्वारा स्नाइपिंग की केवल तीन घटनाएं हुईं, जिसमें एक असैन्य पोर्टर की मौत हो गई।'
उन्होंने कहा कि 27 फरवरी से अब तक स्नाइपिंग की कोई घटना नहीं हुई। इसका अर्थ है कि जो कदम उठाए गए थे वह कामयाब हुए। उन्होंने कहा कि सैनिकों का मनोबल बहुत ऊंचा है और जबतक वह सीमाओं पर तैनात हैं, देश के लोगों को चिंतित होने की जरूरत नहीं।
उन्होंने कहा, 'उनके पास हर प्रकार के हथियार और विस्फोटक हैं और उनका संकल्प चट्टान की तरह ठोस है। वह किसी भी चुनौती के लिए हमेशा तैयार हैं। जबतक वह सीमाओं पर तैनात हैं। आप सुरक्षित हैं।'
सिंह से जब लोकसभा चुनाव दौरान सैनिकों के नाम पर हो रही राजनीति के बारे में टिप्पणी करने के लिये कहा गया तो उन्होंने कहा कि सेना इस बहस में नहीं पड़ना चाहती।