पाकिस्तान की समझ को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज द्वारा अहमदाबाद के एक कार्यक्रम में दिए बयान कि हमने एयर स्ट्राइक के लिए सेना को खुली छूट दी थी और इस बात का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा था कि पाकिस्तानी सेना और आम नागरिकों को किसी तरह ही चोट नहीं आनी चाहिए। पाकिस्तान ने इस बयान को कुछ और ही समझ लिया और इस बात का दावा करने लगा कि हमने तो पहले ही कहा था कि भारतीय वायुसेना द्वारा जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी संगठनों पर की गई कार्रवाई झूठ है। इसके साथ ही पाक का कहना है कि उरी हमले को लेकर भी झूठ फैलाया गया था।
अपनी झूठी तारीफों के पुल बांधते हुए पाकिस्तान के सेना प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर लिखा, 'आखिरकार जमीनी हकीकत सामने आ गई है। उम्मीद है भारत अपने झूठे दावों की हकीकत भी बताएगा। जैसे कि 2016 में की गई सर्जिकल स्ट्राइक, पाकिस्तान वायुसेना द्वारा भारतीय वायुसेना के दो विमानों को गिराने से इनकार करना और एफ16 को लेकर किया गया दावा। देर आए दुरुस्त आए।'
Finally the truth under ground reality compulsions. Hopefully, so will be about other false Indian claims ie surgical strike 2016, denial of shooting down of 2 IAF jets by PAF and claim about F16. Better late than never.#TruthPrevails#PakistanZindabad https://t.co/Kim8CZTdlJ
— Maj Gen Asif Ghafoor (@OfficialDGISPR)
April 18, 2019
दरअसल, अपने भाषण के दौरान विदेश मंत्री स्वराज का नागरिक शब्द से मतलब निर्दोष नागरिकों से था। जिसे गलत अनुवाद होने की वजह से कुछ और समझा गया। बालाकोट एयर स्ट्राइक में बड़ी संख्या में जैश के आतंकी मारे गए थे लेकिन इसमें कोई नागरिक और जवान की मौत नहीं हुई थी।
स्वराज ने एयर स्ट्राइक को आत्म रक्षा में किया हमला बताया । उन्होंने कहा, ‘पुलवामा हमले के बाद जब हमने सीमा पार हवाई हमला किया तो हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया कि हमने केवल आत्म रक्षा में ऐसा कदम उठाया है। हमने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा था कि सशस्त्र बलों को निर्देश दिया गया था कि हमले में किसी भी पाकिस्तानी नागरिक या सैनिक को नुकसान नहीं हो।’