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Pakistan: सेना प्रमुख की खुफिया जानकारी लीक करने वालों का खुलासा, 6 अधिकारियों पर कसा शिकंजा

Sat, 06 May 2023 02:56 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

नागरिकों की जानकारी को संग्रहीत करके राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट जारी करने का काम करने वाली शीर्ष राष्ट्रीय संस्था नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (नादरा) ने जांच के बाद अपने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
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असीम मुनीर। - फोटो : social media
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विस्तार
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पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर की खुफिया और निजी जानकारियां लीक होने से खलबली मच गई थी। पाकिस्तान की संसदीय समिति और सरकार भी इस घटना से हैरान थी। पाकिस्तानी संसद की प्रभावशाली समिति ने एक सरकारी एजेंसी के उन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक जांच की मांग की थी, जिन्होंने सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर और उनके परिवार के सदस्यों की निजी जानकारी हासिल की थी। हालांकि अब पाकिस्तान के अधिकारियों ने छह के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की है।

बता दें, नागरिकों की जानकारी को संग्रहीत करके राष्ट्रीय पहचान पत्र और पासपोर्ट जारी करने का काम करने वाली शीर्ष राष्ट्रीय संस्था नेशनल डेटाबेस एंड रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी (नादरा) ने जांच के बाद अपने कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिन लोगों के इशारे पर यह उल्लंघन किया गया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। चार अलग-अलग पूछताछ के बाद सेनाध्यक्ष के परिवार के रिकॉर्ड को अवैध रूप से एक्सेस करने के लिए नादरा के छह कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

नादरा के अध्यक्ष ने दिए थे जांच के आदेश

नादरा के अध्यक्ष तारिक मलिक ने पिछले साल 3 दिसंबर और इस साल 2 मार्च को जांच के आदेश दिए थे। पिछले साल दिसंबर में नादरा और एक संवेदनशील सुरक्षा एजेंसी द्वारा की गई एक संयुक्त जांच से सामने आया कि मुनीर के निजी दस्तावेजों तक पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बेनजीर आय सहायता कार्यक्रम की एक परियोजना पर काम कर रहे एक कनिष्ठ कार्यकारी कर्मचारी फारूक अहमद थे। बाद में एजेंसी ने जांच और मजबूत कर दी थी। इससे 10 कर्मचारियों की पहचान हुई, जिन्होंने गलत तरीके से सेना प्रमुख के परिवार के रिकॉर्ड तक पहुंच बनाई थी। इन लोगों से पूछताछ की और 6 जनवरी को आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ चार्जशीट जारी की गई थी। परिणामस्वरूप, दो जांचों में समिति ने छह अधिकारियों को जिम्मेदार पाया था। इसके बाद इन अधिकारियों से सभी सुविधाएं वापस मांग ली थी।

इसलिए चोरी की गई थी निजी जानकारी  

डॉन समाचार पत्र के अनुसार, पाकिस्तान के दो पत्रकारों ने पिछले दिनों दावा किया था कि अक्टूबर 2022 में, राष्ट्रीय डेटाबेस एवं पंजीकरण प्राधिकरण (एनएडीआरए) के अधिकारियों ने जनरल मुनीर के परिवार की निजी जानकारी और यात्रा रिकॉर्ड को कथित तौर पर हासिल किया था, ताकि थलसेना अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति को रोका जा सके। एनएडीआरए ने भी सेना प्रमुख के परिवार की निजी जानकारी की चोरी होने की खबर की पुष्टि की थी।

समाचार पत्र की रिपोर्ट में कहा गया है कि नेशनल असेंबली के सदस्य नूर आलम खान की अध्यक्षता में संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) की बैठक हुई, जिसमें खान ने कहा कि निजी जानकारी चुराने में संलिप्त लोगों को जेल में होना चाहिए और सैन्य खुफिया एवं इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) को आपराधिक जांच का हिस्सा होना चाहिए। मुनीर कथित घटना के समय लेफ्टिनेंट जनरल पद पर थे, जबकि पिछले साल के अंत में देश के नए सेना प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण किया और 17वें थल सेनाध्यक्ष बने। उन्होंने जनरल कमर जावेद बाजवा का स्थान लिया, जो लगातार दो तीन साल के कार्यकाल के बाद सेवानिवृत्त हुए।

 

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