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सुरक्षा बलों की ताबड़तोड़ कार्रवाई से बौखलाया पाकिस्तान, 'अगस्त' में रच रहा आतंकी हमलों की नापाक साजिश

Fri, 24 Jul 2020 04:12 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच इस साल अभी तक तीन बैठक हो चुकी हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह में हुई बैठक में आईएसआई की ओर से सभी प्रमुख आतंकी संगठनों को साफतौर पर यह बात कही गई है कि वे किसी भी तरह आतंकियों की घुसपैठ करा कर लांचिंग पैड को खाली कराएं...
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विस्तार
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आतंकियों के खिलाफ भारतीय सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला उठा है। सीमा पार के सभी आतंकी समूहों के लिए अब 'करो या मरो' का आदेश जारी कर दिया गया है। खुफिया एजेंसी के कश्मीर डेस्क से जुड़े एक अधिकारी के अनुसार, इस आदेश के बाद सीमा पार के आतंकी संगठन 'लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जैश-ए-मोहम्मद' के टॉप कमांडरों पर घुसपैठ का भारी दबाव आ गया है।

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लांचिंग पैड पर पहले से ही करीब 250 आतंकी मौजूद हैं। जब तक ये आतंकी भारतीय सीमा में घुसपैठ नहीं करते, तब तक आतंकियों के नए बैच की ट्रेनिंग को लेकर असमंजस बना रहेगा। ताजा सूचनाओं से पता चला है कि पाकिस्तानी आतंकी अगस्त माह में केवल कश्मीर ही नहीं, बल्कि देश के बाकी हिस्सों में भी आतंकी हमलों की साजिश रच रहे हैं।

पिछले साल पांच अगस्त को अनुच्छेद-370 खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान बुरी तरह तिलमिला उठा था। इस बार कई शहरों में ड्रोन हमले होने के इनपुट मिल रहे हैं। इसके मद्देनजर सीमावर्ती इलाकों के सभी सैनिक प्रतिष्ठानों की चौकसी बढ़ा दी गई है। यह भी संभव है कि अगले माह जम्मू-कश्मीर में लोगों को दोबारा से कई तरह की बंदिशों का सामना करना पड़े।

एजेंसी के अधिकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना, आईएसआई और आतंकी संगठनों के बीच इस साल अभी तक तीन बैठक हो चुकी हैं। जुलाई के दूसरे सप्ताह में हुई बैठक में आईएसआई की ओर से सभी प्रमुख आतंकी संगठनों को साफतौर पर यह बात कही गई है कि वे किसी भी तरह आतंकियों की घुसपैठ करा कर लांचिंग पैड को खाली कराएं।

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कश्मीर और दूसरे हिस्सों में जितने भी आतंकी मौजूद हैं, उन्हें अगस्त प्लान अच्छी तरह समझा दिया जाए। इस प्लान के तहत आतंकियों को तीन तरह के हमले करने के लिए कहा गया है। एक, वे सैनिक प्रतिष्ठानों पर हमला करें। दूसरा, फिदायीन अटैक के लिए तैयार रहें और तीसरा, ड्रोन की मदद से भीड़ वाली जगहों पर हमला किया जाए।

कश्मीर पुलिस के अधिकारी बताते हैं कि हम इस बात से वाकिफ हैं। अगस्त में पाकिस्तानी आतंकी संगठन कश्मीर के लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर सकते हैं। हालांकि मौजूदा स्थितियों में आतंकी ऐसे किसी भी प्रयास में कामयाब नहीं होंगे।सुरक्षा बलों के पास कश्मीर घाटी में मौजूदा अनेक आतंकियों के ठिकानों की सटीक जानकारी है।हो सकता है कि उनके निकलने से पहले ही सुरक्षा बल वहां पहुंचकर उन्हें खत्म कर दें।

जून में हुए 18 एनकाउंटर, 51 आतंकी मारे गए थे

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी इसी बात से पता चल रही है कि इस बार रिकॉर्ड आतंकी मारे जा रहे है। जून माह के दौरान लगातार चले सर्च ऑपरेशनों में 18 एनकाउंटर हुए थे, जिनमें 51 आतंकियों का खात्मा किया गया। कश्मीर के आईजीपी विजय कुमार के अनुसार, अब आतंकियों का लंबे समय तक सुरक्षा बलों से बच पाना मुश्किल है।

हमारा प्रयास है कि उन्हें श्रीनगर में घुसने ही न दिया जाए। नई भर्ती को लेकर आतंकी संगठन परेशान हैं। गत वर्ष पहले छह माह में 129 युवाओं ने आतंकी संगठनों की विभिन्न तंजीमों में हिस्सा लिया था, मगर इस बार 67 युवाओं ने आतंक की राह पकड़ी है।

आईजी विजय कुमार के मुताबिक, आतंकी बने 67 युवाओं में से 24 मारे गए हैं। करीब एक दर्जन से ज्यादा युवाओं को गिरफ्तार किया गया है। तीन माह के दौरान भारतीय सुरक्षाबलों ने पाकिस्तान की आतंकी तंजीमों के कई टॉप कमांडरों को खत्म किया है।

कई जिलों को आतंकवाद मुक्त बनाया जा रहा है। अगस्त माह के दौरान देशभर की मस्जिदों पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी निगाह रहेगी। कई जगहों से खबरें मिल रही हैं कि धार्मिक स्थलों पर आतंकी पनाह ले सकते हैं।

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