दुनिया भर के विशेषज्ञ मान रहे हैं कि उड़ी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक प्रधानमंत्री मोदी का एक बड़ा फैसला था। लेकिन अब यदि सीमा पार से भारत पर आतंकी हमले की छोटी सी भी चूक होती है, तो भारत-पाक जंग छिड़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों में इस आशंका को लेकर चिंता जताई गई है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए में सेवा कर चुके विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ी हमले के बाद नरेंद्र मोदी काफी आक्रामक हुए हैं।
हालांकि उन्होंने 2014 में सरकार के शपथ समारोह में अपने पाक समकक्ष को न सिर्फ न्यौता दिया, बल्कि वह शरीफ से मिलने पाक भी गए। लेकिन उड़ी हमले के बाद जिस तरह से मोदी ने पूरी दुनिया से पाक को अलग-थलग करने और सर्जिकल स्ट्राइक की नीति अपनाई है, उसके बाद पाकिस्तान के अंदरूनी हालात भी बिगड़ गए हैं। वहां एक तरफ तो सरकार व सेना पर दबाव बढ़ चुका है और दूसरी तरफ आतंकवादी दुबारा हमले की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। यदि ऐसा हुआ तो मोदी और भी बड़ी जवाबी कार्रवाई का फैसला ले सकते हैं, ऐसे में पाक के पास जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
सीआईए में रहकर दक्षिणी एशिया के मामलों में अमेरिका के कुछ राष्ट्रपतियों को अपनी सलाह दे चुके ब्रूस रीडेल ने कहा कि - ‘वैसे तो फिलहाल ऐसी कोई जगह नहीं हैं जहां से वापस न लौटा जाए, लेकिन यह सच है कि हालात भारत और पाक को खतरनाक पानी में ले जा रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आतंकी गुट भारत पर हमले के लिए तैयार हैं, और यदि ऐसा हुआ तो मोदी अपने पूर्व प्रधानमंत्रियों के समान सिर्फ कूटनीतिक रास्ता तलाशने के बजाय कोई बड़ी कार्रवाई भी कर सकते हैं। ऐसे में पाक सरकार व सेना खुद को जंग से कैसे रोक पाएंगे यह कहना मुश्किल है।