पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रिजवान अख्तर को अगले कुछ हफ्तों में हटाया जा सकता है। अख्तर की नियुक्ति सितंबर 2014 में की गई थी और उन्होंने नवंबर 2014 में कार्यभार संभाला। अख्तर ने लेफ्टिनेंट जनरल जहीर उल इस्लाम की जगह ली थी।
आईएसआई चीफ की नियुक्ति सामान्य तौर पर तीन साल के लिए होती है। इस बीच अगर आईएसआई चीफ रिटायर नहीं होता है या आर्मी चीफ उसे हटाता नहीं है, तो खुफिया एजेंसी प्रमुख अपना कार्यकाल पूरा करता है।
पाकिस्तानी अखबार द नेशन ने एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से ऐसी खबर दी है। खबर के मुताबिक आईएसआई चीफ को बदलने को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं।
खबर में कहा गया है कि कार्यकाल पूरा होने से पहले ही आईएसआई के डायरेक्टर जनरल अपना पद छोड़ सकते हैं।
माना जा रहा है कि कराची के कॉर्प्स के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नवीद मुख्तार मौजूदा आईएसआई चीफ की जगह ले सकते हैं।
एक दूसरे वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि अख्तर कराची में पहले भी सिंध रेंजर्स के डायरेक्टर जनरल के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें कराची में चुनौतियों के बारे में पता है और यह अदला बदली मायने रखती है।