उन्होंने बताया कि 2017 में पाकिस्तान ने सात भारतीय नागरिक कैदियों को रिहा किया था वहीं भारत ने 60 पाक नागरिक कैदियों को रिहा किया था। स्वारज ने बताया कि इसी साल पाकिसत्ना ने कुल 410 भारतीय मछआरों को छोड़ा था वहीं भारत ने 9 पाकिस्तानी मछुआरों को पाक वापस भेजा था।
2016 में पाकिस्तान से दो भारतीय नागरिक कैदी रिहा किए गए थे वहीं भारत ने 10 पाक नागरिक कैदियों को रिहा किया था। विदेश मंत्री ने बताया कि 2016 में पाकिस्तान की ओर से कुल 410 मछुआरे रिहा किए गए थे और भारत ने नौ पाक मछुआरों को रिहा किया था।
2015 में पाकिस्तान ने चार भारतीय नागरिक कैदियों को आजादी दी थी तो भारत ने 44 पाक नागरिक कैदियों को रिहा किया था। इस साल पाकिस्तान ने 448 भारतीय मछुआरों को रिहाई दी थी तो भारत ने 115 पाक मछुआरों को रिहा किया था।
स्वराज ने कहा कि 21 मई 2008 को भारत व पाकिस्तान के बीच हुए कंसुलर एक्सेस पर समझौते के मुताबिक नागरिक कैदियों व मछुआरों की सूची दोनों देश हर साल एक जनवरी व एक जुलाई को साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल एक जुलाई को मिली सूची के मुताबिक भारत में पाकिस्तान के कुल 108 नागरिक कैदी व 249 मछुआरे भारतीय जेलों में हैं।
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से मिली सूची के मुताबिक पाक जेलों में 418 मछुआरे व 53 नागरिक कैदी हैं जो या तो भारतीय हैं या उन्हें भारतीय माना जा रहा है। इसके अलावा, 83 लापता भारतीय रक्षा कर्मियों का मुद्दा है, जिनकी हिरासत पाकिस्तान ने अब तक स्वीकार नहीं की है।
विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने एक सवाल का उत्तर देते हुए कहा कि 40 भारतीय नागरिकों की मृत्यु 15 विदेशी जेलों में सजा काटते हुए हो गई। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों की 68 जेलों में कुल 8445 भारतीय नागरिक कैद हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 2224 भारतीय कैदी सऊदी अरब में हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में दूसरे स्थान पर संयुक्त अरब अमीरात है जहां 1606 भारतीय कैदी हैं और तीसरे स्थान पर नेपाल है जहां 1065 भारतीय कैदी हैं।
एक अन्य सवाल के जबाव में सिंह ने कहा कि श्रीलंका नौसेना ने 29 अक्टूबर को 17 भारतीय मछुआरों को उनकी नावों समेत हिरासत में लिया था। इन मछुआरों ने अंतरराष्ट्रीय सामुद्रिक सीमा रेखा पार कर ली थी और वह श्रीलंकाई क्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे।