पुलवामा हमले के बाद बालाकोट में वायुसेना की एयर स्ट्राइक, कूटनीतिक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय दबाव और एलओसी पर सेना की जबरदस्त जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान सीमा पर तनाव कम करने की कोशिश में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने बैक चैनल के जरिये एलओसी पर आर्टिलरी फायरिंग रोकने और वहां तैनात अपनी यूनिट स्पेशल सर्विस ग्रुप (एसएसजी) को हटाने की पेशकश की है। पाक ने पुलवामा हमले के इस यूनिट को एलओसी पर तैनात किया था।
सूत्रों के मुताबिक, सेना ने पीएमओ को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है। भारतीय सेना की कार्रवाई के चलते एलओसी पर घुसपैठ की घटनाएं लगभग शून्य के बराबर हुई हैं। दोनों देशों के महानिदेशक मिलिट्री ऑपरेशन (डीजीएमओ) हॉटलाइन पर लगातार संपर्क में है और पाक की ओर से माहौल को शांत करने की पेशकश की गई है।
भारतीय सेना ने एलओसी पर सीमापार से होने वाली फायरिंग का जबरदस्त जवाब दिया है। आतंकवादियों के लांचिंग पैड की संभावित जगहों पर फायरिंग की गई। इन लांचिंग पैड को पीओके में की गई सर्जिकल स्ट्राइक में ध्वस्त कर दिया गया था, लेकिन आतंकियों ने यहां फिर जमावड़ा बना लिया। अब सेना की कार्रवाई के चलते आतंकी ज्यादा कुछ नहीं कर पा रहे हैं।
इस बीच, जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने के बाद पाकिस्तान पर बहुत ज्यादा दबाव है। चौतरफा दबाव को देखते हुए पाक ने एलओसी पर आतंकी लांच पैड को बंद कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान सरकार की तरफ से बातचीत का माहौल तैयार करने के कई संकेत मिले हैं।