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सर्जिकल स्ट्राइकः पाकिस्तान ने पत्रकारों को कराया एलओसी का दौरा

Sun, 02 Oct 2016 03:59 PM IST
बीबीसी
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- फोटो : BBC
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पाकिस्तानी सेना का कहना है कि पाकिस्तान अपनी पश्चिमी सीमाओं पर दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ रहा है और वो कभी नहीं चाहेगा कि सेना पश्चिमी सीमा से पूर्वी सीमा पर लाई जाए।
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पाकिस्तानी सेना के सूचना विभाग आईएसपीआर के निदेशक लेफ़्टिनेंट जनरल आसिम सलीम बाजवा ने ये बात कही है।

उन्होंने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के भम्भर और तत्ता पानी सेक्टर के दौरे के दौरान देसी और विदेशी पत्रकारों से बात करते हुए ऐसा कहा।

उन्होंने कहा, "हम पश्चिमी सीमाओं पर दहशतगर्दी के ख़िलाफ़ जंग लड़ रहे हैं। एक ऐसे मौक़े पर जब ये जंग अपने ख़ात्मे की ओर है फौजी दस्तों का मूवमेंट नुक़सानदेह होगा।"

उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान हर वो क़दम उठाएगा जो पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए ज़रूरी होगा।

आईएसपीआर के डीजी लेफ़्टीनेंट जनरल आसिम बाजवा, 'हमारा इलाक़ा आम लोगों, मीडिया और संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के लिए खुला हुआ है। जैसा भारत दावा कर रहा है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। अगर भारत सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर रहा है तो सबूत पेश करे।'
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भारत के नियंत्रण रेखा पर सर्जिकल स्ट्राइक के दावे पर बाजवा ने कहा कि ये दावा मनगढ़ंत, बेबुनियाद, सफ़ेद झूठ और ग़ैर ज़िम्मेदाराना है।

'एक लाख की आबादी में किसी को ख़बर नहीं'

- फोटो : BBC
बाजवा ने ये भी कहा कि पाकिस्तानी सेना ने भारत की गोलीबारी का प्रभावी तरीक़े से जवाब दिया था।

उन्होंने कहा, "हमें यक़ीन है कि ज़रूर उनकी ओर भी हताहत हुए हैं, लेकिन वो क्यों ये जानकारी छुपा रहे हैं ये सवाल उनसे पूछा जाना चाहिए।"

भारत पहले ही अपने सैनिकों के मारे जाने की रिपोर्टों को ख़ारिज कर चुका है।

बाजवा ने बताया, "इस संघर्ष-विराम उल्लंघन के बाद हमारी ओर संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों ने भी जांच की है, लेकिन क्या वजह है कि भारत न मीडिया को आने दे रहा है और न संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों को।"

उन्होंने कहा, "हमारा इलाक़ा आम लोगों, मीडिया और संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षकों के लिए खुला हुआ है। जैसा भारत दावा कर रहा है ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। अगर भारत सर्जिकल स्ट्राइक का दावा कर रहा है तो सबूत पेश करे।"

पत्रकारों के इस दौरे के दौरान भम्भर सेक्टर में बाग़सर कमांड पोस्ट से पाकिस्तानी सेना की फ़ॉरवर्ड तैनातियां और नियंत्रण रेखा समेत भारतीय पोस्टें दिखाई गईं। पत्रकारों को भारतीय पोस्टों से महज़ 2300 गज़ दूर तत्ता पानी भी ले जाया गया।

बाजवा ने कहा कि इस इलाक़े की आबादी क़रीब एक लाख है और जगह-जगह फौज तैनात है, किसी सर्जिकल स्ट्राइक का सवाल ही पैदा नहीं होता।

उन्होंने कहा, "अगर सर्जिकल स्ट्राइक में कोई जानी नुक़सान हुआ है तो वो कहां हैं, एक लाख आबादी के इस इलाक़े में किसी को ख़बर नहीं है।"

आईएसपीआर के डीजी लेफ़्टीनेंट जनरल आसिम बाजवा ने कहा, 'हमें आज निचले दर्जे के किसी व्यक्ति के सीमा पार करने की जानकारी मिली है। इसकी जांच की जा रही है।'

 
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'लांचिंग पैड तबाह करने वाले बताएं कि लाशें कहां गईं?'

- फोटो : BBC
बाजवा ने कहा, "जगह-जगह फौजी दस्तों और तमाम हथियार प्रणालियों की मौजूदगी में न तो लाइन ऑफ़ कंट्रोल पार की जा सकती है और न ही हेलीकॉप्टर आ सकता है और न ही पैराट्रूपर।"

उन्होंने कहा, "भारत ने पहले दावा किया कि फौजी दस्तों ने सरहद पार की, फिर कहा कि पैराट्रूपर उतरे, फिर कहा कि चंद घंटों में कार्रवाई पूरी करके वापस चले गए। यहां न तो ख़ामोशी से हेलीकॉप्टर आ सकते हैं, न पैराट्रूपर उतर सकते हैं। भारत बताए कि उसके पैराट्रूपर नीचे आए तो वापस कैसे गए? लांचिंग पैड तबाह करने का दावा करने वाले बताएं कि लाशें कहां गईं?'

उन्होंने ये भी कहा कि भारत की ओर से लाइन ऑफ़ कंट्रोल, वर्किंग बाउंड्री और सीमा पर लगातार आक्रामकता दिखाई जा रही है। उन्होंने ये भी कहा कि पाकिस्तान युद्ध नहीं चाहता है। युद्धोन्माद को भारत में हवा दी जा रही है जिसका एक मक़सद कश्मीर में भारत की ज़्यादती पर पर्दा डालना है।

"पाकिस्तान एक शांतिप्रिय देश है, हम युद्ध नहीं चाहते हैं, युद्ध किसी के फ़ायदे में नहीं है। लेकिन हम ये कहना चाहते हैं कि भारत जैसा करेगा वैसा ही जवाब उसे मिलेगा।"

भारतीय सैनिक के सीमा पार करने के मामले में उन्होंने कहा कि ग़लती से सीमा पार करने के मामले होते रहते हैं जिनके वापसी के तरीक़े मौजूद हैं। इस संबंध में भारत के डीजीएमओ ने हॉट लाइन पर बातचीत की है।

उन्होंने कहा, "हमें आज निचले दर्जे के किसी व्यक्ति के सीमा पार करने की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है।"
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