पाकिस्तान की राजनीति के लिए अगला एक हफ्ता बहुत अहम होने वाला है। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने शहबाज शरीफ सरकार को सत्ता से हटाने के लिए लांग मार्च का एलान किया है। उन्होंने इसकी तारीख 25 मई तय की है। उनके इस एलान के बाद देश में आर-पार की सियासी लड़ाई की लकीरें खिंच गई हैं। इतना ही नहीं उन्होंने सेना से इस मामले में तटस्थ रहने को कहा है। वहीं, दूसरी तरफ शहबाज शरीफ ने भी उनको चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर इमरान खान ने देश में गृहयुद्ध भड़काने की कोशिश की तो पाकिस्तान उन्हें माफ नहीं करेगा।
पाकिस्तान की राजनीति में आया उबाल
इमरान के इस एलान से पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर उबाल आ गया है। देश के वर्तमान पीएम शहबाज शरीफ ने अपने पूर्ववर्ती इमरान खान सरकार की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इमरान खान पर तंज कसते हुए कहा कि वे देश के विकास पर काम करने की बजाय अपने पूरे कार्यकाल के दौरान राजनीतिक प्रतिशोध में व्यस्त रहे। पूरे कार्यकाल में इमरान खान का एकमात्र लक्ष्य अपने विरोधियों को घेरना रहा। इमरान खान ने कभी देश के विकास पर ध्यान ही नहीं दिया। उन्होंने न तो अस्पताल बनवाए और न ही सड़कें।
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान को दी चेतावनी
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इमरान को घेरते हुए कहा कि वे जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, उससे हर पाकिस्तानी को शर्मिंदगी होती है। इस दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान देश में गृहयुद्ध कराना चाहते हैं, लेकिन वे गलती कर रहे हैं। उनके इस पाप के लिए पाकिस्तान की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी। इस दौरान उन्होंने इमरान खान के लांग मार्च को रोकने के लिए सेना बुलाए जाने पर कहा कि समय आने पर इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
ईंधन बचाने के लिए काम के दिन कम कर सकता है पाकिस्तान
राजनीतिक उठापटक के बीच आर्थिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान की हालत खराब होते जा रही है। इस बीच बतया जा रहा है कि नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार काम के दिनों को कम कर सकती है। इसका मकसद ईंधन का संरक्षण हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस कदम के जरिए वह 2.7 अरब अमेरिकी डॉलर की विदेशी मुद्रा की बचत हो सकती है। हालांकि, इस पुष्टि किसी सरकारी अधिकारी ने नहीं की है। इसका उल्लेख मुल्क के अखबार में छपी एक खबर में किया गया है। इसमें यह भी कहा गया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कार्य दिवसों को सप्ताह में पांच से बढ़ाकर छह दिन करने का फैसला किया, जिससे बिजली और पेट्रोलियम खपत के रूप में अतिरिक्त बोझ पड़ गया था।
इमरान खान ने किया था ये एलान
इससे पहले, इमरान खान ने बुधवार यानी 25 मई को अपने बहुचर्चित इस्लामाबाद कूच शुरू करने का एलान किया है। इमरान खान के मुताबिक इस्लामाबाद कूच की मुख्य मांग यह है कि नेशनल असेंबली को तुरंत भंग कर नए चुनाव के कार्यक्रम का एलान किया जाए। इमरान खान ने राजधानी इस्लामाबाद को घेरने के लिए आम जनता के साथ-साथ सैनिकों के परिवारों से भी सड़क पर आने का आह्वान किया है।
'पीटीआई देश को अमेरिकी गुलामी से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रही'
इमरान खान ने कहा कि पीटीआई देश को अमेरिकी गुलामी से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने अपना ये इल्जाम दोहराया कि मौजूदा सरकार को ‘अमेरिकी साजिश’ के तहत सत्ता में लाया गया है। उन्होंने कहा- ‘हम इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते कि डाकू और लूटेरे सरकार में बैठे रहें। हम अपने बच्चों के लिए इस देश को आजाद कराएंगे।’ विश्लेषकों के मुताबिक इमरान खान और उनके समर्थकों के लड़ाकू तेवर को देखते हुए ये अंदेशा असली है कि लॉन्ग मार्च के दौरान हिंसा हो सकती है। उस दौरान राजधानी में अफरातफरी फैलने का भय भी है।
उन्होंने कहा- ‘देश के सबसे बड़े चोर और माफिया इकट्ठे हो गए हैं। लेकिन ईश्वर की कृपा से कौम उनके खिलाफ जाग खड़ी हुई है।’ इसी तरह उन्होंने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ अली जरदारी को पाकिस्तान की सबसे बड़ी बीमारी बताया।