पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के औपचारिक बधाई संदेश का जवाब देने में भी कूटनीतिक पैंतरेबाजी दिखाई है। मोदी के खत का जवाब देते हुए इमरान ने एकतरफ भारत समेत सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण संबंधों की इच्छा जताई, वहीं दूसरी तरफ इस औपचारिक जवाब में भी कश्मीर का राग अलापने से पीछे नहीं रहे।
साथ ही यह भी चेतावनी दी कि जम्मू-कश्मीर का मुद्दा सुलझे बिना दक्षिण एशिया में शांति बनाना संभव नहीं है। पीएम मोदी ने पिछले सप्ताह पाकिस्तान दिवस पर इमरान खान को चिट्ठी लिखकर शुभकामनाएं दी थी। उन्होंने लिखा था कि भारत एक पड़ोसी देश के तौर पर भारत-पाकिस्तान के लोगों के साथ सौहार्दपूर्ण रिश्ते की इच्छा रखता है। इसके लिए भरोसा और आतंकवाद व आक्रामकता से मुक्त माहौल बेहद जरूरी है।
इमरान खान ने सोमवार को इस खत का जवाब दिया। पीएम मोदी के नाम चिट्ठी में इमरान ने कहा, पाकिस्तान दिवस पर शुभकामनाएं देने के लिए धन्यवाद। पाकिस्तान के लोग इस दिन को राष्ट्र निर्माताओं की बुद्धिमत्ता व दूरदृष्टि को श्रद्धांजलि देकर मनाते हैं, जिन्होंने आजाद व संप्रभु मुल्क का सपना देखा था। जहां लोग पूरी आजादी के साथ रह सकें व अपनी पूरी क्षमता का एहसास कर सकें।
पाकिस्तान के लोग भारत समेत सभी देशों के साथ शांतिपूर्ण व सहयोगी रिश्ते चाहते हैं। इमरान ने कहा, हमें भरोसा है कि दक्षिण एशिया में शांति व स्थिरता के लिए भारत और पाकिस्तान खासकर जम्मू-कश्मीर समेत सभी मुद्दों को बातचीत से सुलझा लेंगे। इसके लिए सकारात्मक व समाधान लायक बातचीत के अनुकूल माहौल बनाना बेहद जरूरी है। मैं इस मौके पर भारत के लोगों को कोविड-19 से लड़ाई लड़ने के लिए शुभकामनाएं देना चाहता हूं। महामहिम मेरे इन विचारों को स्वीकार करें।