पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नोबेल पुरस्कार विजेता भारतीय विभूति रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों को लेबनानी-अमेरिकी कवि खलील जिब्रान का बता दिया। बुधवार को अपने ट्विटर एकाउंट पर टैगोर के प्रसिद्ध उद्धरण का श्रेय खलील जिब्रान को देने के बाद वह ट्रोल हो गए। लोगों ने उन्हें अपना ज्ञान बढ़ाने तक की नसीहत दे डाली। वहीं एक यूजर ने मो. अली जिन्ना की फोटो लगाकर इमरान की ओर से रवींद्रनाथ टैगोर से माफी मांगता संदेश टैग कर दिया।
मैं सोया और सपना देखा कि जीवन आनंद है। मैं जागा और देखा कि जीवन सेवा है। मैंने सेवा की और पाया कि सेवा आनंद है।
इस ट्वीट के साथ उन्होंने कैप्शन में लिखा कि जो भी लोग जिब्रान के शब्दों में ज्ञान को खोजते हैं और उसे पा लेते हैं, वे कुछ इस तरह संतोष का जीवन भी पा लेते हैं।