पाकिस्तान के कुछ सांसदों ने सरकार को चेताया है कि अगर देश के हितों की रक्षा नहीं की गई तो 46 बिलियन डॉलर से बनने वाला चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) एक और ईस्ट इंडिया कंपनी बन सकता है।
योजना और विकास से जुड़ी स्थायी संसदीय समिति के चेयरमैन और सांसद ताहिर मशादी ने कहा कि पाकिस्तान और चीन की दोस्ती पर हम गर्व महसूस करते हैं, लेकिन देश का हित सबसे ऊपर है।
उन्होंने कहा कि अगर देश हित को संरक्षित नहीं किया गया तो निकट भविष्य में एक और ईस्ट इंडिया कंपनी देखने को मिल जाएगी। संसदीय के समक्ष समिति के कुछ सदस्यों ने पाकिस्तान सरकार द्वारा जनता के अधिकारों और हितों की रक्षा नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था।