भारतीय सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान की 'अनीता' से बचकर रहने को कहा गया है। इस 'हसीन' अनीता ने सेना और अर्धसैनिक बलों में बड़ा जाल फैलाने का प्रयास किया है। सुरक्षा बलों के अनेक कार्मिकों के इसके जाल में फंसने की बात सामने आई है। सोशल मीडिया पर यह 'अनीता' काफी सक्रिय है। अपने अकाउंट पर अनीता ने अपना नाम, घर का पता और फोन नंबर, ये सब जानकारी दी है। इसे देखकर कोई भी व्यक्ति यही समझता है कि ये तो भारतीय महिला है। इसका संबंध राजस्थान और पश्चिम बंगाल से है। नंबर भी लोकल है। बस यहीं से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी 'आईएसआई' की इंटेलिजेंस ऑपरेटिव अनीता का खेल शुरू होता है। उसका मकसद है, सैन्य और केंद्रीय सुरक्षा बलों से खुफिया जानकारी जुटाना।
खुद को मिलिट्री अस्पताल में नर्स बताया है
सूत्रों के मुताबिक, 'आईएसआई' की इंटेलिजेंस ऑपरेटिव ने अपना छद्म नाम 'अनीता अनीता' रखा है। यह महिला फेसबुक पर बेहद सक्रिय रही है। उसने खुद को मिलिट्री अस्पताल में नर्स बताया है। अनीता के फेसबुक अकाउंट पर उसका होमटाउन श्रीगंगानगर, राजस्थान है। उसने पिता के नाम वाली जगह पर संतोष दास लिखा है। पते के तौर पर उसने दक्षिणी दमदम 'पश्चिम बंगाल' लिखा है। उसने सोशल मीडिया पर 12 मार्च 2021 को अपना अकाउंट्स बनाया है। अनीता ने फेसबुक पर अपने अश्लील फोटो डाले हैं। कई कार्मिक उसके जाल में फंस गए।
उसका आईपी एड्रेस पाकिस्तान के बहावलपुर का है
सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी सक्रियता को भांप लिया। पता चला कि उसका रजिस्ट्रड आईपी एड्रेस लाहौर 'पाकिस्तान' का था। अंतिम बार जब उसका अकाउंट लॉगिन हुआ तो उसका आईपी एड्रेस बहावलपुर (पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का जिला) का था। फेसबुक पर जो रजिस्ट्रड ईमेल थी, उसके यसजान व कुछ नंबर लिखे थे। इस छद्म अकाउंट को लेकर सुरक्षा बलों को सचेत किया गया है। सभी यूनिटों को इस अनीता की सच्चाई बताई गई है। अनीता का मकसद, भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों और सुरक्षा बलों से जुड़ी गोपनीय जानकारियां हासिल करना है। अभी तक सीमावर्ती राज्य राजस्थान में हनीट्रैप के करीब तीन दर्जन मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे आरोपियों में दर्जनभर सुरक्षा कर्मी भी शामिल हैं।
इस तरह महिलाओं के जाल में फंस गए
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी द्वारा भारत की सैन्य जानकारी प्राप्त करने के लिए लड़कियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। ये महिलाएं अपने अश्लील फोटो और वीडियो दिखाकर गोपनीय सूचना हासिल करने का प्रयास करती हैं। चार साल पहले कई भारतीय सैन्य अधिकारी, इस तरह की महिलाओं के जाल में फंस गए थे। 'वैलेंटाइन डे' पर जबलपुर स्थित आर्मी बेस वर्कशॉप के एक लेफ्टिनेंट कर्नल को हिरासत में लिया गया था। आरोप था कि उसने पड़ोसी मुल्क को खुफिया जानकारी दी है। उसी साल दिल्ली पुलिस ने भारतीय वायु सेना के अधिकारी अरुण मारवाह को अहम सूचना लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन पर तैनात एयरमेन सुनील कुमार को भी ऐसे ही मामले में गिरफ्तार किया गया था।
भारतीय उच्चायोग में भी बिछाया जाल
पाकिस्तान की आईएसआई ने देश की सैन्य जानकारी जुटाने के लिए इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग में भी अपना जाल बिछाया था। हालांकि समय रहते इसका पता चला गया और वहां तैनात तीन भारतीय अधिकारियों को स्वदेश बुला लिया गया। सिकंदराबाद में तैनात इंडियन आर्मी का नायब सूबेदार पाटन कुमार पोद्दार भी हनीट्रैप के चक्कर में फंस गया था। वह कई वर्ष तक आईएसआई की महिला जासूस को सेना के राज बताता रहा।
पाकिस्तान आईएसआई का कॉल सेंटर
गत वर्ष विदेश मंत्रालय का एक ड्राइवर, हनीट्रैप का शिकार हो गया था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 18 नवंबर को ड्राइवर श्रीकृष्ण को गिरफ्तार किया था। फेसबुक पर श्रीकृष्ण की दो पाकिस्तानी महिलाओं से दोस्ती हुई थी। ये आपस में अश्लील बातें करने लगे। भारत की गुप्त सूचनाएं मांगी गईं। बाद में इन सूचनाओं के बदले पैसे भी दिए जाने लगे। साल 2019 में भारतीय एजेंसियों ने पाकिस्तान आईएसआई के एक कॉल सेंटर का पता लगाया था। इसका काम भारतीय सेना के जवानों और अधिकारियों को हनीट्रैप में फंसाना था। यह कॉल सेंटर इस्लामाबाद से लगभग 112 किलोमीटर दूर स्थित झेलम शहर में बनाया गया था। खास बात है कि इस कॉल सेंटर को पाकिस्तान टेलीकम्यूनिकेशन कंपनी लिमिटेड चला रही थी। यह कॉल सेंटर भारत के सिम कार्ड इस्तेमाल करता था।