फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pakistan: चुनाव परिणाम के बाद हिंसा की खबर, इमरान समर्थित प्रत्याशी की हत्या; पुलिस के सामने मारी गोली

Tue, 13 Feb 2024 05:02 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान में चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद हिंसा की खबर सामने आई है। रावलपिंडी में इमरान खान समर्थित प्रत्याशी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। अज्ञात हमलावरों ने चौधरी मुहम्मद अदनान को पुलिस के सामने गोली मार दी।
विज्ञापन
पाकिस्तान - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान के रावलपिंडी में हिंसा की खबर सामने आई है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी- पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थित उम्मीदवार चौधरी मुहम्मद अदनान को अज्ञात हमलावरों ने पुलिस के सामने गोलियों से भून डाला। चौधरी ने आठ फरवरी को संपन्न हुए चुनाव में ने रावलपिंडी के NA-57 और PP-19 निर्वाचन क्षेत्रों से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें सफलता नहीं मिली। डॉन अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक चौधरी पीटीआई के संसदीय मामलों के सदस्य थे। रावलपिंडी पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि हत्याकांड को सिटी पुलिस अधिकारी (सीपीओ) कार्यालय के सामने सिविल लाइन्स इलाके में अंजाम दिया गया।
विज्ञापन


इससे पहले आई पाकिस्तान की सियासत से जुड़ी खबरों के मुताबिक नई सरकार बनाने के लिए इमरान के प्रतिद्वंद्वी नेताओं के बीच बातचीत हो रही है। जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बेटे बिलावल के बेटे की पार्टी के नेताओं ने रविवार को पहली बैठक की। दोनों पक्षों के बीच आधे कार्यकाल के लिए प्रधानमंत्री नियुक्त करने की संभावना पर चर्चा हुई।जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौर के बिलावल हाउस में रविवार को बैठक हुई। दोनों पक्ष आम चुनाव 2024 में मिले खंडित जनादेश को देखते हुए देश की राजनीतिक स्थिरता के लिए सहयोग करने पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए। बैठक में पीपीपी-संसदीय अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, पीपीपी अध्यक्ष बिलावल-भुट्टो जरदारी और पीएमएल-एन से पूर्व प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भाग लिया।

10 साल पहले भी साझेदारी में चला चुके हैं सरकार
बता दें कि 2013 में बलूचिस्तान में पीएमएल-एन और नेशनल पार्टी (एनपी) ने सत्ता-साझा करने का फॉर्मूला तैयार किया था। दोनों दलों के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों ने पांच साल के कार्यकाल के आधे समय के लिए पद संभाला था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें