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पाकिस्तान का दोहरा चरित्र: खालिस्तानियों की कर रहा फंडिंग, दूसरी तरफ श्री स्वर्ण मंदिर पर दागी मिसाइलें

Mon, 19 May 2025 03:32 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पाकिस्तान जहां एक तरफ खालिस्तानियों का समर्थन करता है, वहीं पाकिस्तान में मौजूद सिख समुदाय को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते पाकिस्तान से बड़ी संख्या में सिखों का पलायन भी हुआ है।
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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पाकिस्तान का दोहरा चरित्र और भारत के खिलाफ उसकी नापाक साजिश एक बार फिर दुनिया के सामने खुलकर सामने आ गई। दरअसल पाकिस्तान एक तरफ खालिस्तानियों का समर्थन करता है और कनाडा और अन्य देशों में खालिस्तानियों को फंडिंग मुहैया कराता है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना ने सिख धर्म के सबसे बड़े धर्मस्थल अमृतसर स्थित श्री स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारत और पाकिस्तान में संघर्ष छिड़ा हुआ था, उस दौरान भी पाकिस्तान ने पुंछ में एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया था। हमले के दौरान गुरुद्वारे पर गोलियों और मोर्टार से हमला किया गया। इससे साफ समझा जा सकता है कि पाकिस्तान की सिख धर्म के प्रति क्या इज्जत है। 
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भारतीय सेना ने क्या बताया
भारतीय सेना ने सोमवार को एक डेमो दिखाया, जिसमें बताया गया कि कैसे आकाश मिसाइल सिस्टम समेत भारत के अन्य एयर डिफेंस सिस्टम ने अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर को पाकिस्तान के मिसाइल और ड्रोन्स के हमलों से बचाया। सेना की 15 इन्फैंट्री डिवीजन के GOC मेजर जनरल कार्तिक सी शेषाद्री ने बताया कि '7 मई की रात को हमें पुख्ता जानकारी मिली थी कि पाकिस्तान किसी उचित और सटीक टारगेट न होने के कारण सिविल ठिकानों, खासतौर पर धार्मिक स्थलों को निशाना बनाएगा। इसमें अमृतसर में स्थित स्वर्ण मंदिर सबसे अहम था। हमें अतिरिक्त जानकारी यह भी मिली कि वे (पाकिस्तान) स्वर्ण मंदिर पर भारी तादाद में ड्रोन और मिसाइल से हमला करेंगे, इसलिए हमने तुरंत आधुनिक एयर डिफेंस उपलब्ध कराया और स्वर्ण मंदिर पर एक आंच भी नहीं आने दी।'

खालिस्तानियों को फंडिंग दे रही पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी
भारतीय सेना के इस खुलासे ने एक बार फिर पाकिस्तान का असली चरित्र दिखा दिया है। दरअसल पाकिस्तान प्रोपेगैंडा फैलाकर भारत को अशांत करने की वर्षों से कोशिश कर रहा है। यही वजह है कि पाकिस्तान खालिस्तान के मुद्दे को न सिर्फ सुलगा रहा है, बल्कि पूरी दुनिया में इसे फैलाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई पर तो कनाडा में खालिस्तान समर्थकों की फंडिंग करने का भी आरोप लग चुका है। बीते साल पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने ये आरोप लगाए थे और कहा था कि पंजाब में हिंसा की घटनाएं बढ़ने की वजह कनाडा और अमेरिका में बैठे अपराधी हैं और कई अपराधी खालिस्तान समर्थक समूहों से जुड़े हैं। पंजाब में नशे को बढ़ावा देने के पीछे भी आईएसआई का हाथ है, जो लंबे समय से ड्रोन्स के जरिए पंजाब में नशे और हथियारों की सप्लाई कर रही है। कई खालिस्तानी आतंकी पाकिस्तान में सुरक्षित पनाह लिए हुए हैं। 
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पाकिस्तान पर सिखों के उत्पीड़न का आरोप
पाकिस्तान जहां एक तरफ खालिस्तानियों का समर्थन करता है, वहीं पाकिस्तान में मौजूद सिख समुदाय को उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। इसके चलते पाकिस्तान से बड़ी संख्या में सिखों का पलायन भी हुआ है। सरकार ने बीते संसद सत्र के दौरान इस बारे में पूछे गए सवाल पर कहा था कि पाकिस्तान में सिख समुदाय के लोगों को आमतौर पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है, जिसमें डराना-धमकाना, जबरन धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ शामिल है। भारत सरकार ने कूटनीतिक तौर पर पाकिस्तान की सरकार के सामने ये मुद्दा उठाया है। हालांकि पाकिस्तान का हर वादा खोखला साबित हुआ है। 
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'यह भारत की एकता और सिख विरासत पर हमला'
सेना के खुलासे पर भाजपा नेता अमित मालवीय ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) को निशाना बनाकर ड्रोन और मिसाइल हमलों की भारतीय सेना द्वारा पुष्टि करना चौंकाने वाला और बेहद परेशान करने वाला है। यह पाकिस्तानी सेना और उसके समर्थकों के असली इरादे अराजकता फैलाने और भारत की आत्मा को चोट पहुंचाने को दिखाता है। कोई भी सच्चा सिख कभी भी पाकिस्तान जैसे राज्य के साथ गठबंधन या समर्थन नहीं करेगा, जिसने बार-बार खुद को शांति, आस्था और मानवता का दुश्मन साबित किया है। सिख धर्म के सबसे पवित्र तीर्थस्थल को निशाना बनाना पाकिस्तान की हरकतों के नैतिक और रणनीतिक दिवालियापन को उजागर करता है। दुनिया भर के सिखों को इसे उसी रूप में देखना चाहिए जैसा कि यह है: यह सिर्फ़ एक धार्मिक स्थल पर हमला नहीं है, बल्कि भारत की एकता और सिख विरासत की पवित्रता पर हमला है।'

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