पाकिस्तान से अब नहीं आएगी चिट्ठी
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने से बौखलाए पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच डाक मेल सेवा को बंद कर दिया है। पाकिस्तान के रवैये को अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए कहा है कि डाक विभाग इस मामले में भावी कार्रवाई पर मंथन कर रहा है। गौरतलब है कि अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने के बाद पाकिस्तान ने अपनी ओर से भारत की ओर से भेजे जा रहे डाक मेल को स्वीकार करना बंद कर दिया है।
केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और विश्व डाक संघ के मानदंडों का खुला उल्लंघन है। पाकिस्तान ने बिना किसी पूर्व सूचना के एकतरफा कार्रवाई की है। वर्तमान में पाकिस्तान ने भारत को पत्र और मेल भेजने पर पाबंदी लगा दी है। प्रसाद ने कहा कि हर देश इस मामले में विश्व डाक संघ के तहत काम करता है, मगर पाकिस्तान ने इसकी भी परवाह नहीं की है।
प्रसाद ने कहा कि यह बौखलाहट में उठाया गया एकतरफा कदम है। यह अंतर्राष्ट्रीय कानून और विश्व डाक संघ के मानदंडों का उल्लंघन है। ऐसे में अब डाक विभाग इस मामले में पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई करने के तरीके पर मंथन कर रहा है।
गौरतलब है कि बीते करीब सात दशकों में दोनों देशों के बीच तीन-तीन युद्घ होने, कई बार तनाव के चरम पर पहुंचने के बावजूद पाकिस्तान ने डाक मेल सेवा पर रोक नहीं लगाई थी। डाक विभाग का कहना है कि अनुच्छेद 370 रद्द होने के बाद पाकिस्तान ने 27 अगस्त को डाक का एक खेप स्वीकार किया था। इसके बाद न तो पाकिस्तान से कोई डाक आ रहा है और न ही पाकिस्तान भारत का डाक ही स्वीकार कर रहा है।