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तनाव के बीच पाकिस्तान ने रद्द की समझौता एक्सप्रेस, इसलिए खास है यह ट्रेन

Wed, 27 Feb 2019 05:29 PM IST
Gaurav Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • पाकिस्तान के लाहौर से भारत के अटारी तक संचालित होती है यह विशेष ट्रेन
  • सात किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चार घंटे में तय करती है 27 किमी का सफर
  • 1971 के युद्ध के बाद शिमला समझौते के तहत रेल संपर्क मार्ग पर दोनों देश राजी हुए थे
  • 22 जुलाई 1976 को अटारी से लाहौर के बीच हुई थी इस ट्रेन की शुरुआत
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समझौता एक्सप्रेस
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विस्तार
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भारत द्वारा पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े प्रशिक्षण शिविर को नष्ट करने के लिए की गई एयर स्ट्राइक के बाद पाक ने आज सुबह भारतीय सीमा में घुसकर यहां के सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, भारतीय वायुसेना ने पाक को वापस जाने के लिए मजबूर कर दिया। इस कार्रवाई में जहां भारत ने पाकिस्तान के एक एफ-16 फाइटर विमान को मार गिराया तो भारत को भी एक मिग 21 खोना पड़ा।

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दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस तनाव को और बढ़ाने का काम किया है पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच चलने वाली ट्रेन समझौता एक्सप्रेस का संचालन बंद करके। गुरुवार को लाहौर से चलने वाली ट्रेन रद्द कर दी गई। समझौता एक्सप्रेस कोई सामान्य ट्रेन नहीं बल्कि दोनों देशों के बीच एक पुल की तरह है। 

22 जुलाई 1976 को अटारी-लाहौर के बीच इस ट्रेन की शुरुआत की गई थी। समझौता एक्सप्रेस अटारी-वाघा के बीच केवल तीन किलोमीटर का सफर तय करती है। 1971 के युद्ध के बाद तत्कालीन भारतीय प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके समकक्ष जुल्फिकार अली भुट्टो के बीच शिमला समझौता हुआ था। इसी के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच रेल संपर्क बनाने पर हामी भरी गई थी। चूंकि अटारी से लाहौर तक रेल मार्ग पहले से ही मौजूद था, इसलिए समझौता एक्सप्रेस को शुरू करने में कोई रुकावट नहीं आई थी।

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यह ट्रेन पाकिस्तान के लाहौर जंक्शन से सुबह 8.30 बजे रवाना होती है और दोपहर 12.30 बजे अटारी श्याम सिंह स्टेशन पहुंचती है। इसके बीच में एक हाल्ट वाघा पड़ता है। 27 किलोमीटर का सफर तय करने में यह ट्रेन चार घंटे का समय लेती है। ट्रेन की औसत गति सात किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है। उत्तरी जोन की यह ट्रेन मेल/एक्सप्रेस है जो सप्ताह में दो दिन मंगलवार और गुरुवार को संचालित होती है।  

समझौता एक्सप्रेस की सुरक्षा व्यवस्था भी आला दर्जे की रहती है। ट्रेन चलने से पहले जहां पटरियों की जांच की जाती है वहीं बीएसएफ के जवान घोड़ों पर सवार होकर ट्रेन के साथ चलते हैं। ट्रेन के हर कोच पर उनकी पैनी निगाह रहती है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके। किसी भी तरह की संवेदनशील घटना होने पर या आपात स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जाता है। 
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वहीं, भारत की ओर से ट्रेन का परिचालन रद्द करने के संबंध में रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि समझौता एक्सप्रेस को रद्द करने जैसा कोई निर्देश हमें नहीं मिला है। इस संबंध में जो दिशा-निर्देश दिए जाएंगे हम उनका पालन करेंगे। 

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