बहुप्रतीक्षित करतारपुर कॉरिडोर मामले में पाकिस्तान का रवैया भविष्य में भारत के साथ तनाव का नया कारण बन सकता है। इस परियोजना को लटकाने में नाकाम रहने बाद अब पाकिस्तान ने दुनियाभर में फैले खालिस्तान समर्थकों को 550वें प्रकाश पर्व समारोह के लिए न्योता भेजा है, जिससे भारत नाराज है और गुरुवार को इस परियोजना पर समझौते के दौरान वह इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने पहले योजनाबद्ध ढंग से इस परियोजना को लटकाने की कोशिश की ताकि भारतीय सिखों को भड़काया जा सके।
इस कॉरिडोर के दुरुपयोग को लेकर भारत पहले से ही सतर्क है। उसे शुरुआत से ही आशंका रही है कि पाकिस्तान दर्शन करने जाने वाले श्रद्धालुओं को भारत के खिलाफ भड़का सकता है। इस आशंका को तब बल मिला जब पाकिस्तान ने अपने यहां आयोजित समारोह में शिरकत करने के लिए कनाडा, अमेरिका और यूरोप स्थित खालिस्तान समर्थकों को न्योता भेजा। सरकारी सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान ने सिख समुदाय से जुड़े ऐसे लोगों को बुलाया है जो अतीत में पंजाब के खालिस्तानी मुहिम के कट्टर समर्थक रहे हैं।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने बुधवार को कहा कि करतारपुर कॉरिडोर के संचालन के लिए भारत के साथ ऐतिहासिक समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। पहले दोनों देश बुधवार को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हुए थे। पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद फैसल ने बताया कि हमारा समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर करवाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि सहमति से बनी व्यवस्था के तहत श्रद्धालु सुबह आएंगे और गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकने के बाद शाम को वापस हो जाएंगे। हर दिन इस पवित्र धर्म स्थल पर कम से कम 5000 श्रद्धालुओं को आने की अनुमति दी जाएगी। हर श्रद्धालु को शुल्क के तौर पर 20 डॉलर देने होंगे। उन्होंने बताया कि समझौते पर हस्ताक्षर के बाद उसके बारे में और अधिक जानकारी दी जाएगी।