पाकिस्तान सेना चला रही बचाव अभियान
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पाकिस्तान की सेना पर आतंकी संगठनों को पालने-पोसने के आरोप लगते रहते हैं। अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया गया है, जिसमें पाकिस्तानी सेना के अधिकारी भारत के खिलाफ जहर उगलते और आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद की भाषा बोलते नजर आ रहे हैं। वीडियो पाकिस्तानी सेना के एक शीर्ष अधिकारी का है, जो एक इवेंट के दौरान वही भाषा और शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पूर्व में आतंकी हाफिज सईद कर चुका है। ऐसा लगता है कि स्क्रिप्ट एक ही है, बस बोलने वाले अलग हैं।
पाकिस्तानी सेना के अधिकारी ने भारत के खिलाफ उगला जहर
वीडियो पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी का है, जो पाकिस्तान की यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए कहा कि 'अगर आप हमारा पानी रोकेंगे तो हम आपकी सांसें रोक देंगे।' इस बयान को भारत के सिंधु जल समझौते को स्थगित करने से जोड़कर देखा जा रहा है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने यह सख्त कदम उठाया था। पाकिस्तानी सेना के अधिकारी का यह बयान बिल्कुल आतंकी हाफिज सईद के पुराने बयान जैसा है, जिसने कहा था कि 'अगर तुम पानी रोकेंगे तो इंशाअल्लाह, हम आपकी सांसें रोक देंगे और फिर इन नदियों में खून बहेगा।' सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सेना के अधिकारी और आतंकी की भाषा में इतनी समानता पर सवाल उठाए हैं।
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सिंधु जल समझौता स्थगित होने से तिलमिलाया पाकिस्तान
भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि पर 19 सितंबर 1960 को कराची में हस्ताक्षर हुए थे। समझौता सिंधु नदी और इसकी सहायक नदियों के पानी के इस्तेमाल को लेकर हुआ था। विश्व बैंक की तरफ से पहल के बाद समझौते करने के लिए भारत-पाकिस्तान के बीच अलग-अलग स्तर पर 9 साल तक बात चली थी। भारत की तरफ से प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और पाकिस्तान की तरफ से राष्ट्रपति मोहम्मद अयूब खान ने संधि पर हस्ताक्षर किए थे। सिंधु जल समझौते पर रोक लगाए जाने के बाद पाकिस्तान में जल संकट की स्थिति पैदा हो सकती है। पाकिस्तान की 80 फीसदी खेती योग्य भूमि (16 मिलियन हेक्टेयर) सिंधु नदी प्रणाली के पानी पर निर्भर है। पानी रोके जाने के बाद अन्न संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। सिंधु और उसकी सहायक नदियों पर पाकिस्तान के प्रमुख शहर कराची, लाहौर, मुल्तान निर्भर हैं। पाकिस्तान के तरबेला और मंगला जैसे पॉवर प्रोजेक्ट इस नदी पर निर्भर करते हैं, अगर पानी रोका जाता है, तो पाकिस्तान में ऊर्जा संकट खड़ा हो जाएगा।