बालाकोट की बरसी से पाकिस्तान घबराया हुआ है। उसे शक है कि दोबारा भारत ऐसे ही हमले न कर दे। इस वजह से वह ड्रोन की सहायता से एलओसी तथा आसपास के इलाकों की सर्विलांस कर रहा है। ड्रोन दिन-रात दोनों ही समय सीमा पर घूमते देखे जा सकते हैं। कुछ समय के अंतराल पर पीओके में अपनी सीमा के भीतर ही पाकिस्तानी ड्रोन चक्कर काटने के बाद लौट जाता है।
- सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट, पाकिस्तानी सेना कर रही प्रशिक्षण केंद्रों की सुरक्षा
- एक साल पहले भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में तबाह किए थे आतंकियों के ठिकाने
- नियंत्रण रेखा पर बैट हमले की आशंका से सुरक्षाबल बरत रहे ज्यादा सतर्कता
बालाकोट एयर स्ट्राइक कई मामलों में महत्वपूर्ण रही। वहां की आईएसआई, सेना तथा आतंकी समूहों को डीप स्टेट कहा जाता है, जो वहां की व्यवस्था को संचालित करता है। इस घटना के बाद डीप स्टेट संकट में है। बालाकोट हमले ने पाकिस्तान की परमाणु हमले की गीदड़भभकी वाली थ्योरी को भी नकार दिया है। वह इसकी आड़ में ब्लैकमेल करने की साजिश कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा हुआ। यहां तक कि चीन भी। एयर स्ट्राइक से भारत ने नई नीति अपनाकर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है। अनुच्छेद 370 हटाने की पृष्ठभूमि भी बालाकोट एयर स्ट्राइक से ही तैयार हुई। - प्रो. जेएस जगन्नाथन, रक्षा अध्ययन विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू
बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद यदि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान सुधरेगा, तो यह गलत होगा। पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसकी सरकारें सिर्फ भारत का विरोध करके ही जीती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की मजबूरी है कि वह भारत के खिलाफ हमेशा आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहे। पाकिस्तान के सुधरने की उम्मीद के बजाय भारत को अपनी कार्रवाई और तेज करनी होगी। पाकिस्तान की सेना को टारगेट करना होगा क्योंकि वहां मारे जाने वाले आतंकी भी कश्मीर से ही गए हैं। पाकिस्तान कश्मीर के युवाओं के जरिये भारत में आतंक फैलाता है। दूसरा अपने देश के कुख्यात अपराधियों, जो जेलों में मौत की सजा काट रहे होते हैं, उनको हमले करने भेजता है। दोनों के ही मारे जाने पर पाकिस्तान का नुकसान नहीं होगा। उसकी फौज मारी जाएगी, तो उसे तकलीफ होगी। - वीके साही, रिटायर्ड कर्नल, सेना