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बालाकोट में पाक की नापाक हरकत, मदरसों की आड़ में फिर चला रहा आतंक की पाठशाला

Tue, 25 Feb 2020 09:54 PM IST
योगेश साहू बृजेश कुमार सिंह, जम्मू।
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सांकेतिक तस्वीर
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बालाकोट में एयर स्ट्राइक के एक साल बीतने से पहले ही पाकिस्तान ने वहां आतंकी प्रशिक्षण शिविर दोबारा स्थापित कर दिए हैं। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद व लश्कर-ए-ताइबा के मिले-जुले शिविर शुरू किए गए हैं और इन्हें अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की नजर से बचाने के लिए यहां मदरसों के बोर्ड लगाए गए हैं।

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भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी है कि इन शिविरों की सुरक्षा पाकिस्तान की सेना ने संभाल रखी है। सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आईएसआई के निर्देश पर जैश व लश्कर दोनों के संयुक्त प्रशिक्षण शिविर बालाकोट में फिर खोल दिए गए हैं। पूरे इलाके में आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।

किसी को भी इनके आसपास फटकने की इजाजत नहीं है, ताकि वहां चल रही गतिविधियां सार्वजनिक न हो सकें और मदरसों की आड़ में शिविर चलते रहें। साजिश है कि यहां से आतंकियों को प्रशिक्षित कर उन्हें लॉन्चिंग पैड के जरिये अधिक से अधिक संख्या में सीमा पार भेजा जा सके। 
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कैंपों की सुरक्षा में तैनात पाकिस्तानी सेना, बैट हमले की साजिश 
सूत्रों ने बताया कि इन कैंपों की सुरक्षा में 24 घंटे पाकिस्तानी सेना तैनात रहती है। वह हर गतिविधियों पर निगाह भी रखे हुए हैं। हाल ही में हाफिज सईद का रिश्तेदार जकीउर रहमान लखवी बालाकोट में देखा गया। सूत्रों का कहना है कि जैश-लश्कर कमांडरों तथा आईएसआई के साथ उसकी बैठक भी हुई।

इसमें घुसपैठ को तेज करने तथा एलओसी पर बैट हमले को अंजाम देने की साजिश पर बात हुई। सूत्रों ने बताया कि बालाकोट एयर स्ट्राइक की बरसी पर एलओसी पर बैट हमले की साजिश को अंजाम दिया जा सकता है। इस वजह से एलओसी पर भारत की ओर से सतर्कता भी बढ़ाई गई है।

ड्रोन से सर्विलांस कर रहा घबराया पाकिस्तान

बालाकोट की बरसी से पाकिस्तान घबराया हुआ है। उसे शक है कि दोबारा भारत ऐसे ही हमले न कर दे। इस वजह से वह ड्रोन की सहायता से एलओसी तथा आसपास के इलाकों की सर्विलांस कर रहा है। ड्रोन दिन-रात दोनों ही समय सीमा पर घूमते देखे जा सकते हैं। कुछ समय के अंतराल पर पीओके में अपनी सीमा के भीतर ही पाकिस्तानी ड्रोन चक्कर काटने के बाद लौट जाता है।
  • सुरक्षा एजेंसियों को मिले इनपुट, पाकिस्तानी सेना कर रही प्रशिक्षण केंद्रों की सुरक्षा
  • एक साल पहले भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में तबाह किए थे आतंकियों के ठिकाने
  • नियंत्रण रेखा पर बैट हमले की आशंका से सुरक्षाबल बरत रहे ज्यादा सतर्कता

बालाकोट हमले के बाद  पाक का डीप स्टेट संकट में

बालाकोट एयर स्ट्राइक कई मामलों में महत्वपूर्ण रही। वहां की आईएसआई, सेना तथा आतंकी समूहों को डीप स्टेट कहा जाता है, जो वहां की व्यवस्था को संचालित करता है। इस घटना के बाद डीप स्टेट संकट में है। बालाकोट हमले ने पाकिस्तान की परमाणु हमले की गीदड़भभकी वाली थ्योरी को भी नकार दिया है। वह इसकी आड़ में ब्लैकमेल करने की साजिश कर रहा था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ खड़ा हुआ। यहां तक कि चीन भी। एयर स्ट्राइक से भारत ने नई नीति अपनाकर उसे मुंहतोड़ जवाब दिया है। अनुच्छेद 370 हटाने की पृष्ठभूमि भी बालाकोट एयर स्ट्राइक से ही तैयार हुई। - प्रो. जेएस जगन्नाथन, रक्षा अध्ययन विभाग, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू 
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पाकिस्तान के सुधरने की कोई उम्मीद न करे भारत

बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद यदि हम उम्मीद करते हैं कि पाकिस्तान सुधरेगा, तो यह गलत होगा। पाकिस्तान एक ऐसा देश है, जिसकी सरकारें सिर्फ भारत का विरोध करके ही जीती हैं। ऐसे में पाकिस्तान की मजबूरी है कि वह भारत के खिलाफ हमेशा आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देता रहे। पाकिस्तान के सुधरने की उम्मीद के बजाय भारत को अपनी कार्रवाई और तेज करनी होगी। पाकिस्तान की सेना को टारगेट करना होगा क्योंकि वहां मारे जाने वाले आतंकी भी कश्मीर से ही गए हैं। पाकिस्तान कश्मीर के युवाओं के जरिये भारत में आतंक फैलाता है। दूसरा अपने देश के कुख्यात अपराधियों, जो जेलों में मौत की सजा काट रहे होते हैं, उनको हमले करने भेजता है। दोनों के ही मारे जाने पर पाकिस्तान का नुकसान नहीं होगा। उसकी फौज मारी जाएगी, तो उसे तकलीफ होगी। - वीके साही, रिटायर्ड कर्नल, सेना 
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