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भारत को परमाणु हमले की धमकी देने वाले पाकिस्तानी आकाओं को पड़ रही गालियां

Sun, 02 Oct 2016 07:01 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : PTI
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भारत के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे रहे अपने आकाओं को पाकिस्तानी नागरिक खूब खरी खोटी सुना रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जाहिल, कायर और न जाने क्या कहा जा रहा है। दरअसल, आतंकवादी सैयद सलाउद्दीन, हाफिज सईद और पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भारत के खिलाफ एटॉमिक जंग शुरू करने की पाकिस्तान को सलाह दी थी। इस धमकी पर पाकिस्तानी पत्रकारों और बौद्धिकों ने अपने हुक्मरानों की कड़ी आलोचना की है। 
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खबरों के मुताबिक वरिष्ठ पत्रकार हसन निसार ने एटम हमले की धमकी देने वालों को पागलों का हुजूम बताया। उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान में जो अनपढ़ों की टोली है वही इस देश को ले डूबेगा। हम भारत को एटम को धमकी दे रहे हैं कि लेकिन भूल जाते हैं कि उनकी आबादी एक अरब से ज्यादा है हम केवल 20 करोड़। अगर हमला हुआ तो उनका तो थोड़ा बहुत नुकसान होगा लेकिन पाकिस्तान दुनिया के नक्शे से खत्म हो जाएगा।'

 

दुनिया के नक्शे से मिट जाएगा पाकिस्तानः हसन निसार

- फोटो : अमर उजाला
हसन निसार ने कहा कि 'भारत के NSA अजीत डोभाल जो कह रहे हैं उसे मान लो, वरना सचमुच पाकिस्तान खत्म हो जाएगा। हसन निसार ने कहा कि पाकिस्तान में पागलों का हुजूम है, 'यहां अनपढ़ों का जो टोला है, यहां पाकिस्तान में, इन जाहिलों को पता ही नहीं कि एटम बम क्या होता है।'

निसार इतने पर ही नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि 'पाकिस्तान आए दिन भारत को एटॉमिक हमले की धमकी देता रहता है, बिना इस बात को सोचे कि अगर भारत ने पाकिस्तान के विरुद्ध एटॉमिक युद्ध छेड़ दिया, तो पाकिस्तान दुनिया के नक्शे में इतिहास बनकर रह जाएगा।

 

जमात-उद-दावा ने 30 लाख बंगालियों की हत्या की: तारिक फतेह 

- फोटो : फाइल फोटो
पाकिस्तान में जन्मे कनाडाई लेखक और उदारपंथी एक्टिविस्ट तारिक फतेह ने शनिवार को एक साक्षात्कार में कहा कि जमात-उद-दावा प्रमुख और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज सईद पाकिस्तान का असली प्रधानमंत्री है। मौजूदा भौगोलिक परिदृश्य में पाकिस्तान का गठन ही गलत है। 

कराची में जन्मे मुस्लिम कनाडियन कांग्रेस के संस्थापक तारिक फतेह ने कहा, 'आप भारत के लोग यह देखने में नाकाम हैं कि पाकिस्तान को कौन चला रहा है। जमात-उद-दावा के सैनिकों ने 10 माह में 30 लाख बंगालियों की हत्या की थी। वे बलूच युवाओं को विमान से फेंक सकते हैं, युवतियों से दुष्कर्म कर सकते हैं।'

उन्होंने कहा, '1971 के युद्ध के बाद जब करीब 90 हजार पाकिस्तानी युद्ध बंदियों को इंदिरा गांधी ने छोड़ा, तो उन्हें पाकिस्तान की सेना ने 1973 से 1975 तक बलूचिस्तान में और नरसंहार करने के लिए तैनात कर दिए गए थे।'

 
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इमरान ने नवाज शरीफ को 'कायर' कहा

क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने बीते शुक्रवार को शांति की पेशकश करते हुए कहा कि पाकिस्तान, भारत के साथ दोस्ती के लिए तैयार हैं, क्योंकि दो परमाणु शक्तियों के बीच युद्ध किसी समस्या का हल नहीं है।

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी से पानी रोकने और सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात नहीं करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान एकजुट है और किसी भी आक्रमण के लिए अपनी सेना के साथ खड़ा रहेगा। उन्होंने मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि हर पाकिस्तानी नवाज शरीफ की तरह कायर नहीं है।

उन्होंने यह भी कहा कि नवाज शरीफ का वक्त पूरा हो गया है। उन्हें जाना होगा। यह हमारा दुर्भाग्य है कि वह हमारे प्रधानमंत्री हैं।
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