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साजिश: आतंकियों ने किया कोर्स, जैश मुख्यालय में दो माह का कोर्स; एक साथ कई ड्रोन हमले की फिराक में पाकिस्तान

सार

पड़ोसी देश में साजिश का खुलासा हुआ है। अमर उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक आतंकी संगठन  जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय बहावलपुर में दो महीने तक आतंकी प्रशिक्षण शिविर चला था। मरकज सुभान अल्लाह में ड्रोन सेफ हाउस बनाया गया। पाकिस्तान के आतंकी एक साथ कई ड्रोन हमले की फिराक में हैं।
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पाकिस्तान में ड्रोन से जुड़ी साजिश - फोटो : अमर उजाला प्रिंट- ग्राफिक्स
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विस्तार
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पाकिस्तान के लश्कर-ए-ताइबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठनों ने अब एक साथ दर्जनों ड्रोन उड़ाने और बड़े ड्रोन हमले की साजिश रचनी शुरू कर दी है। पाकिस्तान में कई जगहों पर इन संगठनों से जुड़े आतंकियों को एक साथ दर्जनों ड्रोन चलाने तथा इनके जरिये निगरानी और हमले की दो महीने तक ट्रेनिंग दी गई है।

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खुफिया एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार आतंकियों को सामान्य व्यावसायिक ड्रोन के संचालन से लेकर भविष्य में एक साथ कई ड्रोन से हमले के लिए तैयार किया जा रहा है। अमृतसर के आसमान में बीती रात कई ड्रोन देखे जाने की सूचना के बाद कई उड़ानें रद्द और कुछ डायवर्ट करनी पड़ीं। ये ड्रोन पाकिस्तान से आए थे या स्थानीय स्तर पर उड़ाए गए इसकी जांच सुरक्षा और जांच एजेंसियां कर रही हैं। हालांकि खुफिया एजेंसियों के इनपुट से यह स्पष्ट है कि पाकिस्तान में आतंकियों के हाथ बड़ी संख्या में ड्रोन लग चुके हैं और उन्हें इन्हें चलाने का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

मरकज में दी जा रही थी ट्रेनिंग
खुफिया सूत्रों के अनुसार यह गतिविधि किसी एक स्थान तक सीमित नहीं है। पाकिस्तान में अलग-अलग ठिकानों पर आतंकियों को बड़े ड्रोन हमले के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।

  • अमर उजाला को मिली खुफिया जानकारी के मुताबिक तीन सितंबर को बहावलपुर में ड्रोन स्वॉर्म अटैक की दो महीने की ट्रेनिंग पूरी हुई। यह प्रशिक्षण जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को दिया जा रहा था।
  • अमर उजाला के पास बहावलपुर के मरकज सुभान अल्लाह में बनाए गए ड्रोन सेफ हाउस की तस्वीरें हैं। इनमें ट्रेनिंग के लिए रखे दर्जनों ड्रोन दिखाई दे रहे हैं। यह वही मरकज है जो जैश-ए-मोहम्मद का मुख्यालय है और जहां से आतंकियों को भारत के खिलाफ ज्यादातर ट्रेनिंग दी जाती है। जैश के आतंकी इसी पाठशाला से निकलते हैं।

एक ड्रोन से स्वॉर्म अटैक तक की तैयारी

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पाकिस्तान में आईएसआई और पाकिस्तानी सेना की सरपरस्ती में आतंकियों को ड्रोन संचालन की ट्रेनिंग दिया जाना बेहद खतरनाक है। रक्षा विशेषज्ञ सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर एचएस चड्ढा के अनुसार चिंता इसलिए है कि आतंकी संगठन अब केवल एक ड्रोन उड़ाने तक सीमित रहने के बजाय एक साथ कई ड्रोन के इस्तेमाल यानी स्वॉर्म अटैक की कोशिश कर सकते हैं। व्यावसायिक ड्रोन की आसान उपलब्धता ने चुनौती को और गंभीर बना दिया है।

  • चड्ढा ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकियों को जिस तरह प्रशिक्षण दिया जा रहा है वह चिंताजनक है। हालांकि दुश्मन देश की हर चाल का सुरक्षा एजेंसियों को पता चल जाता है और यही वजह है कि उसकी नापाक कोशिशों को समय-समय पर ध्वस्त किया जाता है।
  • खुफिया एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद हुई जांच में भी आतंकी मॉड्यूल के ड्रोन प्रशिक्षण से जुड़े इनपुट सामने आए थे। इनमें ड्रोन के जरिये निगरानी करने महत्वपूर्ण लक्ष्यों की रेकी करने और पेलोड पहुंचाने जैसी क्षमताएं विकसित करने की कोशिश की जानकारी शामिल थी।
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