फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

India and Pakistan: पाक विदेश मंत्री बोले- भारत और पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम करना चाहिए

Fri, 30 Sep 2022 03:12 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, पाकिस्तान

सार

विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूबा है। सात में एक व्यक्ति बाढ़ से प्रभावित है। जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए भारत और पाकिस्तान को साथ मिलकर काम करने के बारे में सोचना चाहिए।
विज्ञापन
Pakistan FM Bilawal Bhutto Zardari - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पाकिस्तान बाढ़ और आर्थिक कंगाली से बदहाली की कगार पर है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने अपने देश में आई बाढ़ के लिए जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार माना है। साथ ही उन्होंने गुरुवार को कहा कि भारत और पाकिस्तान को जलवायु परिवर्तन पर मिलकर काम करना चाहिए।

विज्ञापन


इन दिनों बिलावल द्विपक्षीय बैठकों के लिए वाशिंगटन डीसी में हैं। इस दौरान पाक मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण उनके देश में स्थिति काफी खराब है। यह समय है कि भारत और पाकिस्तान दोनों मिलकर जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर मिलकर काम करें।

मीडिया से बात करते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूबा है। सात में एक व्यक्ति बाढ़ से प्रभावित है। जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अमेरिका और चीन को मिलकर काम करना चाहिए और भारत और पाकिस्तान को साथ मिलकर काम करने के बारे में सोचना चाहिए।
विज्ञापन


वैज्ञानिक और विशेषज्ञ पाकिस्तान में आई बाढ़ का कारण जलवायु परिवर्तन से पिघलते ग्लेशियरों को बताते हैं। अमेरिका ने पाकिस्तान को 66 मिलियन अमरीकी डॉलर की मानवीय सहायता की घोषणा की है। आगे उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के वीटो को खत्म करने के पक्ष में है।

पाकिस्तान में बाढ़ से अब तक 1,600 से अधिक लोग मारे गए हैं और तीन करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। बाढ़ से देश का एक तिहाई हिस्सा पानी में डूब गया है और करीब 30 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है। बाढ़ के कारण पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति भी चरमरा रही है। बड़े मंचो पर पाकिस्तान के पीएम शहबाज ने कहा था कि लोग हमें भिखारी समझने लगे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें