भारत और पाकिस्तान के बीच जारी गंभीर तनाव के बीच नई दिल्ली में पड़ोसी देश के उच्चायुक्त अब्दुल बासित ने सोमवार को कहा कि भारत आतंकवाद के मसले पर उनके देश को अलग-थलग करने की कोशिश जुटा है, जबकि उनका देश खुद आतंकवाद से बुरी तरह पीड़ित है। उन्होंने कहा कि रिश्तों में सुधार के लिए प्रभावी सहयोगात्मक रवैया अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सभी विवाद का जड़ जम्मू-कश्मीर की समस्या है और पाकिस्तान को अपनी विदेश नीति के उद्देश्य को पूरा करने के लिए अंध राष्ट्रीयता और उग्र राष्ट्रवाद को बढ़ावा देने की जरूरत नहीं है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कंफ्लीक्ट स्टडी में बासित ने कहा कि धरती पर किसी देश को आतंकवाद को लेकर अलग-थलग करना कैसे संभव है, वैसे भी तब जब वह खुद आतंकवाद से बुरी तरह पीड़ित हो। उन्होंने कहा कि लगातार कूटनीतिक प्रयास के जरिए ही भारत और पाकिस्तान अपने विवाद सुलझा सकते हैं।
भारत के साथ पाकिस्तान के रिश्ते के बारे में बासित ने कहा कि कश्मीर की समस्या ने हमें एक-दूसरे का विरोधी बना दिया है। केवल इस समस्या का समाधान हमें शांति और समृद्धि के रास्ते पर एकजुट कर सकता है। पाकिस्तान 20 करोड़ स्वाभिमानी लोगों का देश है और उसे अपनी विदेश नीति के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंध राष्ट्रवाद और उग्र राष्ट्रीयता को दर्शाने की जरूरत नहीं है।